सहारनपुर। जीआईएस सर्वे के बाद जारी किए गए हाउस टैक्स के बिलों को लेकर नागरिकों के होश उड़े हुए हैं। कई नागरिकाें को पहले की तुलना में 90 गुणा अधिक तक के बिल भेजे गए हैं। इतने अधिक टैक्स को लेकर नागरिक आंदोलन की राह पर हैं।
अभी तक नगर निगम में करीब चार हजार नागरिक बढ़े टैक्स को लेकर आपत्ति जता चुके हैं।
महानगर में वर्ष 2015 में सर्वे किया गया था, जिसके आधार पर टैक्स चलता आ रहा था। अब शासन ने सभी 17 नगर निगमों में जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) के तहत सर्वे किया है। इसके बाद नागरिकों के पास जो टैक्स के बिल पहुंचे हैं। उनको लेकर वह हैरान होने के साथ ही गुस्से में भी हैं। बीते करीब एक महीने से अलग-अलग तरीके से पार्षद, व्यापारी और आम नागरिक विरोध दर्ज करा चुके हैं।
नगर निगम के अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि जीआईएस सर्वे का निर्णय सरकार का है। ऐसे में नगर निगम अपने स्तर से इसे वापस नहीं ले सकता है, लेकिन यदि किसी को बढ़े टैक्स को लेकर कोई आपत्ति है तो वह लिखित में दर्ज कराए। उधर, टैक्स कम होने की उम्मीद के साथ अभी तक चार हजार से अधिक नागरिक आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। (संवाद)