- 1995 में पांच वर्ष की डीड पर किराये पर दिया गया था कार्यालय
- 2002 में डीड को फिर बढ़ाया गया, नहीं तय हुई थी समय सीमा
- 644 रुपये प्रतिमाह पर जिला कृषि विभाग और बसपा में हुआ था किराया तय
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आखिरकार 31 वर्षों के बाद जिला कृषि विभाग की देहरादून चौक स्थित बसपा कार्यालय पर कब्जा मिला है। विभाग ने 1995 में पांच वर्ष के किरायानामे पर पार्टी को कार्यालय दिया था। वर्ष 2013 में जमीन को खाली करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। अब बृहस्पतिवार को विभाग के अधिकारियों ने जमीन पर कब्जा प्राप्त किया है।
बृहस्पतिवार शाम जिला कृषि विभाग के अधिकारी भवन पर कब्जा लेने के लिए पहुंचे। बसपा पदाधिकारियों ने अपने सामान को पहले ही वापस निकाल लिया था। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने भवन का निरीक्षण कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही चाबी विभागीय अधिकारी को सौंपी। विभाग की मंशा जिला कृषि कार्यालय बनाने की है। दरअसल, वर्ष 1955 में पहले पहल पांच वर्ष के लिए जिला कृषि विभाग ने बीज गोदाम को बसपा को कार्यालय के लिए किराये पर दिया था।
यह डीड पांच वर्ष की थी। इसके बाद 2002 में इसे फिर से बढ़ाया गया, हालांकि इस बार कोई समय सीमा तय नहीं की गई। 2012 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जमीन को खाली कराने की कवायद शुरू हुई। पहले दो माह का नोटिस कार्यालय को खाली करने का दिया गया। इसके बाद मामले को अदालत में ले जाया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने दलील दी कि लीज डीड के पैरा नंबर 4-ए के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर दो माह का नोटिस देकर भवन को खाली कराया जा सकता है।
विभाग को सरकारी कार्यों के लिए भवन की आवश्यकता है। इसलिए भवन को किरायेदारी में नहीं रखना चाहता। इसके बाद पार्टी की ओर से भी जवाब दाखिल किए। मामला अदालत में विचाराधीन है, लेकिन इससे पहले ही बृहस्पतिवार को पार्टी ने कार्यालय को खाली कर दिया।
- 644 रुपये हुआ था किराया तय
पहली डीड खत्म होने के बाद विभाग ने 2002 ने गोदाम को 644 रुपये प्रतिमाह की दर से किराया पर दे दिया गया। इसके बाद वर्ष 2007 में प्रदेश में बसपा की सरकार बनी। 2012 में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही विभाग को जमीन की जरूरत महसूस होने लगी। इसके बाद जमीन खाली कराने की कवायद शुरू हुई।
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पिछले वर्ष भी कार्यालय को खाली करने के लिए प्रशासन और पार्टी पदाधिकारियों में बातचीत हुई थी। इस दौरान पदाधिकारियों ने एक वर्ष का समय मांगा था। मामले की सुनवाई जिला अदालत में जारी है। अब जब स्वयं ही पदाधिकारियों ने कब्जा विभाग के अधिकारियों को दे दिया है, तो मामले को अदालत से वापस लिया जाएगा।
- बसपा सुप्रीमो ने बनाई थी पांच सदस्यों की कमेटी
बसपा के जिलाध्यक्ष रजनीश बंधु ने बताया कि पार्टी सुप्रीमो का कहना है कि हमारा मकसद किसी जमीन पर कब्जे का नहीं है। पहले जब हमारे पास कार्यालय नहीं था तो भवन को किराये पर लिया गया। भवन को खाली करने के लिए पांच सदस्यों की कमेटी भी बनाई गई थी। इसमें सूरज सिंह जाटव, विजय सिंह, रणधीर सिंह बेनीवाल, जनेश्वर प्रसाद और वर्तमान जिलाध्यक्ष शामिल है। बृहस्पतिवार को जिला कृषि विभाग के भवन को खाली कर दिया गया है।