सहारनपुर में नया साल शुरू होने से पहले ही लोगों को जिले के हर समय रोशन रहने की उम्मीद थी। सहारनपुर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति का एलान किया गया।
विद्युत निगम के सलाहकार तक सहारनपुर आकर कह गए थे कि मंडल मुख्यालय को 24 घंटे बिजली मिलेगी। साल बदल गया, लेकिन बिजली की हालत नहीं बदल सकी।
विद्युत निगम लगातार सहारनपुर की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता आ रहा है, या यूं कहा जाए कि बड़े-बड़े सपने दिखाकर उन सपनों को धराशाई कर दिया गया। पहले तो कहा गया कि जिले में पावर ग्रिड बन रहा है।
यह पावर ग्रिड जिले की किस्मत ही बदल देगा। यहां बिजली का कभी कोई टोटा नहीं रह जाएगा। इस पावर ग्रिड से जिले को पर्याप्त बिजली मिलेगी और शेष बिजली यूपी के अन्य ग्रिडों को दी जाएगी।
सीधा-साधा सहारनपुर इसके शुरू होने की आस लगाए रखा। जून 2016 में यह शुरू भी हो गया। लेकिन बिजली की हालत सुधरने की बजाय और खराब होती चली गई। 24 घंटे तो क्या मंडल मुख्यालय को 8 घंटे भी बिजली नहीं मिल पाई।
उसके बाद विद्युत निगम को आरएपीडीआरपी योजना के तहत मिले बजट को ठिकाने लगाने के लिए बिजलीघरों की मरम्मत कराई, तार बदलवा डाले जो भी काम हो सकता था, कर दिया गया।
उसके बाद विद्युत निगम के सलाहकार कृपाल सिंह सितंबर में सहारनपुर पहुंचे और उन्होंने अक्तूबर-नवंबर से मंडल मुख्यालय को 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने का एलान कर गए।
लेकिन उनका सहारनपुर आकर इस प्रकार की घोषणा करना महज एक खानापूर्ति बनकर रह गया। 24 घंटे तो बिजली मिल नहीं सकी, अपितु कभी इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर तो कभी ग्रिड में गड़बड़ी आने के नाम पर कटौती होने लगी।
अधीक्षण अभियंता आरके सिंह का कहना है कि मंडल मुख्यालय की बिजली आपूर्ति में पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है। अधिक से अधिक समय बिजली की आपूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है।
शेड्यूल भी उन्होंने शहर को 24 घंटे दिए जाने का कर दिया है। लेकिन ट्रांसमिशन से पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती। कुछ लोकल फाल्ट के चलते भी कटौती हो जाती है। पिछले दिनों 400 केवी के ग्रिड में कुछ काम हुआ था, जिस कारण सप्लाई गड़बड़ाई थी। अब व्यवस्था सुधर रही है। इस साल शुरू से ही जिला मुख्यालय को 24 घंटे सप्लाई देने का प्रयास किया जा रहा है।