सहारनपुर। अदालतों में सुरक्षा से लेकर अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं न होने के मुद्दों को लेकर बार संघ से जुड़े अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा नहीं करने और समस्याएं दूर न होने पर रोष जताया। बाद में डीएम के माध्यम से ज्ञापन भी दिया गया।
बार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान और महासचिव राजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में कोर्ट परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से परिचय पत्र के साथ ही बार काउंसिल की ओर से जारी परिचय पत्र को मान्य किया जाए। उन्होंने कहा कि दीवानी कचहरी और कलक्ट्रेट परिसर में एमएसीटी, जुनाइल बोर्ड जैसे न्यायालय स्थापित कराए जाएं। अधिवक्ताओं के साथ काम करने वाले सहायकों और जूनियर कर्मचारियों को परिचय पत्र देने में अवरोध न किया जाए। अधिवक्ताओं ने पक्के चैंबर्स, बहुमंजिली पार्किंग व्यवस्था, वादकारियों, अधिवक्ताओं के लिए स्थायी चिकित्सा के लिए पीएचसी की सुविधा की मांग की। इसके साथ ही अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों को मेडीक्लेम के दायरे में लाने की बात कही गई।
इनके अलावा महिला अधिवक्ताओं के लिए सभागार, युवा अधिवक्ताओं के लिए लाइब्रेरी, जूनियर्स के लिए भत्ते की सुविधा की मांग उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में कलक्ट्रेट बार संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा, कर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष माधव गोयल, महासचिव प्रियांक भारद्वाज, अमरीश पुंडीर, राहुल त्यागी, सतेंद्र कुमार, अभय सैनी, राकेश सहल, पौरुष वर्मा, पंकज सिंह, अंकित शर्मा, हेमंत मित्तल, अमरीश अग्रवाल, धर्मेंद्र कुमार, पारुल सिंघल, रेखा कश्यप, संदीप पुंडीर आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
4000 वकीलों और वादकारियों को चाहिए सुरक्षा
अधिवक्ताओं ने कहा कि जिले की अदालतों में करीब 4000 वकील काम करते हैं। इनके अलावा हजारों की संख्या में वादकारी आते हैं। इनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए।