परफार्मेंस घोटाले में जल्द हो सकती है कार्रवाई
सहारनपुर। परफार्मेंस ग्रांट घपले की फाइल तेजी से चल पड़ी है। सहारनपुर के तत्कालीन डीपीआरओ (जिला पंचायती राज अधिकारी) अमरजीत सिंह पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मुकदमा सदर कोतवाली में दर्ज हैं। अब दोषी अधिकारियों से रिकवरी और जेल भेजने की कार्रवाई जल्द ही हो सकती है।
सपा सरकार में परफार्मेंस ग्रांट के नाम पर मनमाने तरीके से सहारनपुर जनपद की 35 ग्राम सभाओं को करीब 11 करोड़ रुपये नियम विरुद्ध बांटे जाने का आरोप है। योगी सरकार ने जुलाई 2017 में पैसे के इस्तेमाल और संबंधित खातों पर रोक लगा दी थी। सहारनपुर के तत्कालीन डीपीआरओ अमरजीत सिंह पर आरोप लगा था कि करीब 35 अपात्र ग्राम सभाओं का चयन किया और प्रत्येक पंचायत को 20-25 लाख रुपये तक का ग्रांट दिया गया। लखनऊ के विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार यादव ने सहारनपुर पहुंचकर सदर बाजार थाने में अमरजीत सिंह, सात एडीओ और करीब दो दर्जन ग्राम विकास अधिकारियों पर धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि मुकदमे में तत्कालीन एडीओ और ग्राम अधिकारियों के नाम नहीं खोले गए थे। इस मामले में बिजनौर निवासी अमरजीत का कहना था कि पैसों का दुरुपयोग उनके समय में नहीं हुआ। बहरहाल, सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीपीआरओ पर कार्रवाई करने के लिए कहा था। इसके बाद जांच मेें तेजी आ गई है।
यह मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। तत्कालीन विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। शासन की ओर से जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
- प्रणय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी एवं जांच अधिकारी