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उम्र 60 के पार, पर कोरोना को किया परास्त

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सहारनपुर। उम्र बेशक जितनी हो, लेकिन बीमारी को तनाव न बनने दें। हिम्मत रखें, उपचार कराएं और नियमों का पालन करें तो कोरोना को हराया जा सकता है। ऐसा ही किया है प्रेम वाटिका मिशन कंपाउंड में रहने वाली शारदा सपरा (65) और उनके पति सुभाष चंद सपरा (70 वर्षीय) ने। यह दोनों अलग अलग समय में कोरोना संक्रमित हुए। घर में ही रहकर उपचार किया, न तो ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने दी, न अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और कोरोना को परास्त कर दिया।
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शारदा सपरा गत 21 मार्च को हुई जांच में कोरोना संक्रमित निकली। पूर्व में कोरोना की पहली लहर में सुभाष चंद सपरा पॉजिटिव आए थे। सुभाष चंद्र सपरा ने बताया कि पत्नी ने खुद को मकान के एक कमरे में आइसोलेट कर लिया। रोजाना हरी सब्जियां खूब खाईं और स्टीम खूब ली। नारियल पानी और काढ़ा भी पीती रहीं। इसके अलावा चिकित्सक की सलाह पर दवाएं लेती रहीं। करीब एक महीने तक किसी बाहरी व्यक्ति को घर में नहीं आने दिया और खुद भी बाहर नहीं निकले। नारियल पानी, काढ़ा लेते रहे। सुभाष चंद्र सपरा का कहना है कि सकारात्मक विचार रखें, धर्म की तरफ ध्यान दें, सुबह शाम पूजा भी करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय करते रहें। इतना सब करने पर कोरोना को हराया जा सकता है। उनका कहना है कि कोविड वैक्सीन की उन्होंने दोनों डोज ली, उसका भी प्रभाव है कि संक्रमण को हराने में कामयाब रहे।
घर में रहकर पूजा ने हराया कोरोना
सहारनपुर। शहर के हकीकतनगर में रहने वाली पूजा मार्च के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के भिवाड़ी में अपने भाई के यहां गई थीं। वहां से ट्रेन से लौटीं, तब उनके साथ बेटी वसुधा और विदुषी भी थीं। सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर तीनों की कोविड जांच हुई। दोनों बेटियों की रिपोर्ट तो नेगेटिव आई, लेकिन पूजा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्होंने घर आकर खुद को कमरे में आइसोलेट कर लिया। चिकित्सक की सलाह पर पांच दिन तक दवा ली। रोजाना दिन में कई बार गर्म पानी पिया और खूब आराम किया। सुबह और शाम के समय योग अभ्यास करना अनिवार्य रखा। बच्चों से भी दूरी बनाकर रखी। इसके बाद उन्होंने कोरोना को हरा दिया और अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ने दी।
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