सहारनपुर। जिले के लखनौती कला गांव के निवासी बुजुर्ग ने पुलिस पर अपने पोते सहित दो युवकों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवाने का आरोप लगाया है। एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही मानवाधिकार और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग को भी शिकायत भेजी है।
लखनौती कला निवासी सहीराम के मुताबिक उसका पौत्र अर्जुन सिंह बीए, एलएलबी का छात्र है। जुलाई माह में अर्जुन और गांव का एक अन्य युवक मोनू बाइक पर जा रहे थे। उस समय उनके पास बाइक के कागज नहीं थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि बाइक के कागज देने के बावजूद दोनों युवकों को छुड़ाने के लिए थाना जनकपुरी के एक दरोगा ने 50 हजार रुपये की मांग की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। दो दिन तक हिरासत में उन्हें यातनाएं दी गईं। उन्हें एनकाउंटर तक की धमकी दी गई। आरोप है कि 27 जुुलाई को दोनों युवकों के पास चोरी के लैपटॉप, मोबाइल, आभूषणों और शस्त्रों की फर्जी बरामदगी दिखाकर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया। सहीराम का कहना है कि जमानत पर आने के बाद भी 26 दिसंबर की रात पुलिस अर्जुन को उठाकर ले गई और उसके खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई। उसने एसएसपी सहित अन्य आला अफसरों से प्रकरण की सही जांच कर दोनों युवकों को छुड़ाने और उचित कार्रवाई की मांग की। इस मामले में थाना जनकपुरी पुलिस ने किसी भी तरह के उत्पीड़न या यातना दिए जाने से इनकार किया है।