छुटमलपुर। सात साल पहले लापता हुए जिस बेटे को फिर से देख पाने की परिजन उम्मीद खो चुके थे वह चेन्नई में बीमार हालत में मिला। वहां की एक संस्था ने उसका उपचार कराया और स्वस्थ होने पर उसके बारे में जानकारी जुटा परिजनों को उसकी खबर की। बेटे के जिंदा और सुरक्षित होने की खबर से परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। युवक के भाई उसे चेन्नई से लेकर घर के लिए रवाना हो गए।
फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव सबरीपुर निवासी राजकुमार का बड़ा बेटा विकास कुमार(20) 2017 में घर से काम के लिए निकला था। उसके बाद वह लापता हो गया। गुमशुदगी भी दर्ज कराई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजन सभी जगह तलाश करने के बाद थक हार कर घर बैठ गए थे, लेकिन दो दिन पूर्व एक फोन काल ने उनकी खुशियां लौटा दीं। बताया गया कि चेन्नई में सामाजिक संस्था उदावुमकरंगल के कार्यकर्ता जैकब को इसी साल 13 फरवरी को विकास निराश्रित मानसिक रूप से बीमार हालत में मिला। उस वक्त वह अपने और परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। संगठन ने दो माह तक उसका उपचार कराया तो वह अपने घर के बारे में जानकारी दे सका। इसकी जानकारी मिलते ही विकास का छोटा भाई मोहित और चाचा का बेटा सुमित उसे लेने चेन्नई गए। बुधवार को वे उसे वहां से लेकर घर के लिए चल दिए हैं।