- दहेज के मामले में आरोपियों को दोषमुक्त कराने का दिलाया था भरोसा, दोष सिद्ध होने पर खुला राज
- कोतवाली सदर बाजार ने आरोपी व्यापारी पर धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज की है प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। दहेज हत्या के मुकदमे में न्यायालय का निर्णय पक्ष में कराने का झांसा देकर एक परिवार से आठ लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। दोषमुक्त कराने के लिए आरोपी ने खुद को जज का करीबी बताया था। अब एसएसपी के आदेश पर कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
नवीन नगर निवासी प्रवीण भास्कर ने तहरीर देकर बताया कि उनके भाई हेमंत भास्कर और माता-पिता के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन था। इसी दौरान भाई हेमंत की पहचान मोरगंज में बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के व्यापारी सागर गुप्ता से हुई। आरोप है कि व्यापारी ने खुद को संबंधित जज का करीबी बताते हुए आठ लाख रुपये देने पर न्यायालय का निर्णय पक्ष में कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने रुपयों का इंतजाम किया।
आरोप है कि झांसे में आकर आरोपी को 1.45 लाख रुपये फोन-पे के जरिए और 6.55 लाख रुपये नकद दिए गए। 20 अप्रैल 2026 को कोर्ट का फैसला आया, जिसमें तीनों को दोषी ठहराया गया। इसके बाद परिवार को पता चला कि फैसला कराने के नाम पर धोखाधड़ी की गई। पीड़ित का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपी ने एक सप्ताह में पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में न तो रुपये लौटाए और न ही संपर्क किया।
आरोप है कि उसने परिवार के मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिए। एसएसपी के आदेश पर कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने आरोपी सागर गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उधर, जांच अधिकारी विपिन कुमार का कहना है कि पीड़ित की ओर से जो साक्ष्य दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच की जा रही है।