संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के निदेशक मौलाना महमुदुल्लाह जाहिदी अफगानी के नेतृत्व में चार सदस्सीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को दारुल उलूम अशरफिया पहुंच तलबा से मुलाकात की।
मदरसे के मोहतमिम मौलाना सलिम अशरफ कासमी ने अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का शाल ओढ़ा कर एवं प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित करते हुए उन्हें मदरसे की सनद किताबें उपहार स्वरूप दीं। प्रतिनिधिमंडल में अफगानी स्वास्थ्य मंत्रालय के सीनियर अफसर हाफिज अतिकुल्लाह जाहिदी, सैयद रहमतुल्लाह हैदरी और मौलवी नुरुल्लाह अफगानी ने मदरसे के तलबा से कुरआन-पाक सुनी। उन्होंने कुरआन पाक और हदीस से संबंधित सवाल तलबा से किए।
सही जवाब मिलने पर उन्होंने तलबा की पीठ थपथपाते हुए शाबाशी भी दी। इस दौरान मौलाना महमुदुल्लाह जाहिदी ने कहा कि उनके देश में दारुल उलूम और यहां के पूर्वजों की खिदमत को बहुत ही अच्छी निगाह से देखा जाता है। इसी के चलते अफगानिस्तान में दीनी शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले बड़ी संख्या में तलबा आज भी दारुल उलूम का रुख करते हैं।
मौलाना जाहिदी ने कहा कि हाल ही में उनके विदेश मंत्री मौलाना आमिर खान मुत्तकी का दारुल उलूम पहुंचने पर शानदार इस्तकबाल किया गया था। इसका बहुत अच्छा पैगाम हुकूमत-ए-अफगानिस्तान को पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों मुल्कों की आवाम एक दूसरे के बहुत करीब आ गई है। इस दौरान हाफिज सलीम, हाफिज अशरफ, मुफ्ती अजहर और मुफ्ती परवेज सहित अन्य मौजूद रहे।