सहारनपुर। सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में शनिवार को आस्था, पर्यटन और राजनीति का खास संगम देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाकंभरी दौरे के दौरान पर्यटन की परियोजनाओं को देखा, जनप्रतिनिधियों की नब्ज टटोली और मां शाकंभरी देवी का आशीर्वाद लिया। इसके पीछे 2027 के चुनावी बिगुल का कयास लगाया जा रहा है।
दरअसल, सहारनपुर जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर प्रदेश के मुखिया का दौरा, कई मायनों में अहम माना जा रहा है। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आस्था के केंद्रों में गिना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
इसे देखते हुए प्रदेश सरकार सिद्धपीठ को बेहतर सुविधाओं से लैस धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) और मल्टीलेवल पार्किंग समेत अन्य परियोजनाओं का मौका मुआयना कर जल्द पूरा करने के लिए अफसरों के पेच कसे।
इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र में सड़क, पार्किंग और अन्य सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री का दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, जिस तरीके से युद्ध स्तर पर इन परियोजनाओं पर काम चल रहा है उससे लग रहा है कि 2027 के चुनाव से पहले इसे पूरा करा दिया जाएगा। क्योंकि सिद्धपीठ पर पर्यटन की यह परियोजनाएं पहले से ही भाजपा के एजेंडे में शामिल है। प्रदेश सरकार के पिछले बजट में भी सिद्धपीठ की पर्यटन परियोजनाओं को शामिल किया गया था। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर उनकी नब्ज टटोलने का काम किया।
हर जनप्रतिनिधि से परियोजनाओं से संबंधित सुझाव मांगे। परियोजनाओं के प्रस्तुतिकरण और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर पहुंचकर मां शाकंभरी देवी का आशीर्वाद लिया, उससे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल तो नहीं है। क्योंकि अक्सर भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दल सिद्धपीठ पर जरूर पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे की वजह कोई भी हो, लेकिन जिस तरीके से आनन-फानन में मुख्यमंत्री के आगमन का शेड्यूल आया उससे राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का माहौल है।