सहारनपुर। नौ महीने तक जिस बच्ची को कोख में संजोकर रखा, उसी मासूम को जन्म के 10 महीने बाद एसबीडी जिला अस्पताल में छोड़ दिया। ओपीडी में बच्ची के रोने की आवाज आई तो सफाई कर्मचारी ने चिकित्सा अधिकारियों को बताया। इसके बाद बच्ची को बच्चा वार्ड में भर्ती किया। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, लेकिन यह पता नहीं चला कि बच्ची को किसने छोड़ा। एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे खुलती है। मंगलवार को सफाई कर्मचारी वेदू ओपीडी में सफाई कर रहा था। कक्ष नंबर छह के पास सफाई कर्मचारी को बच्ची के रोने की आवाज आई। उसने देखा कि स्लैब पर शॉल में बच्ची लिपटी है।
यह देखकर उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। बच्ची को छोड़कर जाने वाले को आसपास देखा, लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद उसने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्मराज मानू को जानकारी दी।
चिकित्सा अधीक्षक मौके पर पहुंचे और बच्ची को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया। इसके बाद थाना जनकपुरी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस भी पहुंच गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेंद्र भट्ट ने बच्ची को देखा। डॉक्टरों की प्राथमिकी जांच में बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ मिली। उसे कोई गंभीर परेशानी नहीं है। बच्ची की उम्र करीब 10 माह बताई जा रही है।
बच्चा वार्ड में डॉक्टर और नर्स ने बच्ची की देखभाल की। पुलिस ने बच्ची को चाइल्ड केयर भेज दिया है।
n किसने छोड़ी बच्ची, कराई जाएगी जांच : प्रभारी एसपी सिटी एवं एसपी यातायात शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बच्ची को किसने अस्पताल में छोड़ा है। इसकी जांच कराई जा रही है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा अस्पताल गेट और बाहर लगे सीसीटीवी को भी चेक कराया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों का भी रिकॉर्ड चेक होगा।