गंगोह। युवा व्यापारी और लियो क्लब सेंट्रल के अध्यक्ष अंशुल मित्तल की हत्या के 15 दिन बाद भी मुख्य आरोपी और शूटरों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। शुक्रवार को लियो क्लब के आह्वान पर स्कूली बच्चों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जुलूस में शिरकत की। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख चौराहों पर मानव श्रंखला बनाकर सांकेतिक जाम भी लगाया। बाद में सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर अंशुल के पिता ने एसडीएम की मौजूदगी में परिजनों सहित आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
श्रीरामलीला भवन पंचायती धर्मशाला से आरंभ होकर विरोध जुलूस विभिन्न सड़कों और मुहल्लों से होता हुआ वापस धर्मशाला पहुंचा। प्रमुख चौराहों पर मानव श्रंखला बनाकर सांकेतिक जाम लगाए गए। रैली में शामिल स्कूली बच्चे ‘पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद, अंशुल तेरी याद में मिट जाऐंगे खाक में’, अंशुल के हत्यारों को फांसी दो, नारे लिखे पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। इससे पूर्व जुलूस को डिस्ट्रिक लियो चेयरपर्सन अरविंद पाल कपूर, पूर्व विधायक महिपाल सिंह माजरा, बसपा नेता ओमपाल सैनी और वीरेंद्र कश्यप, भाजपा नेता चौधरी नक्षत्रपाल सिंह, अशोक कोक्की, प्रकाशचंद्र गोयल, नीरज अग्रवाल, रविशंकर गर्ग, मनोज गोयल, दिपांशु गोयल आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने अंशुल के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
रैली में एनडी पब्लिक स्कूल, कृष्णा इंटरनेशनल, श्रीरामकृष्ण मेहता इंटर कालेज, सीडीकेआर मार्डन हाईस्कूल, राजीव मेमोरियल, श्रीरामबाग सरस्वती शिशु मंदिर, एस फातिमा पब्लिक स्कूल सहित अनेक शिक्षण संस्थाओं के हजारों छात्र-छात्राओं के अलावा लायंस क्लब सेंट्रल, लायनेस क्लब सेंट्रल, रोटरी क्लब, जय हिंद सामाजिक संस्था, सर्वदलीय संघर्ष समिति, श्री सुदर्शन क्लब और तमाम राजनैतिक दलों के नेताओं ने सहभागिता की। नरेंद्र तायल, अमित गर्ग, वरुण गर्ग, संजीव गोयल, नवाबहसन, अर्पित गोयल, शिवम शर्मा, सत्यम बंसल, फहीम अहमद, दीपांशु माहेश्वरी, शशांक गोयल, आसू, वीर सिंह भावुक, तलविंद्र कपूर, रजनी राजपूत, सिम्मी टेबक, पल्लवी अरोड़ा आदि शामिल रहे। गौरतलब है कि दिवाली की रात अंबा विहार कालोनी निवासी व्यापारी दिनेश मित्तल के पुत्र लियो क्लब सेंट्रल अध्यक्ष अंशुल मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने खुलासा करते हुए अंशुल की बहन स्वाति के जगाधरी निवासी पति अभिषेक और ससुर राकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि हत्या का मुख्य सूत्रधार स्वाति का यमुनानगर निवासी ननदोई ललित फरार है और हत्या में शामिल शूटर भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं।
ज्ञापन में शामिल मांगे
गंगोह। एसडीएम सी इंदुमति को सौंपे गए ज्ञापन में अंशुल हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कराने, अंशुल के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार को समुचित सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने की मांगें शामिल हैं।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
गंगोह। परिजन और व्यापारी मामले में शुरू से ही गंगोह पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते आ रहे हैं। शुक्रवार को भी एसडीएम के समक्ष दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की मांग की गई। एसडीएम सी इंदुमति ने कहा कि वह स्वयं पूरे मामले की मानीटरिंग करेंगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।