चिलकाना। दारुल उलूम देवबंद के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक संभालवी ने कहा कि मुसलमानों को शादियां दीनी तरीके से करनी चाहिए। दहेज लेने और देने से बचना चाहिए।
सुल्तानपुर के मदरसा इस्लामिया अरबिया कासिम उल उलूम के सालाना जलसे को खिताब करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को पहले दीनी और दुनियावी तालीम दिलाना जरूरी है।
मौलाना मुफ्ती सलमान गंगोही ने फरमाया कि बुरे कामों से बचना चाहिए। समाज में फैली बुराइयों से परहेज रखना चाहिए।
मुफ्ती रियासत हरिद्वारी ने मृत्यु भोज को गलत बताते हुए कहा कि जो आदमी मय्यत से अपने घर वापस जा सकता हो, उसे मय्यत वाले घर का खाना नहीं खाना चाहिए तथा तीजा, दसवां, तेरहवी आदि रस्में नहीं करनी चाहिए। जलसे में सात बच्चों मोहसिन, रईस, नौशाद, आजम, शावेज रायपुरी, मुब्बसिर, शावेज अहमद की दस्तारबंदी की गई।
जलसे को मौलाना मिजान गंगोही, कारी दानिश नानका, कारी शकील दीनारपुरी, मौलाना अबुजर, मौलाना गय्यूर मजाहरी, मौलाना मुस्तफा देवबंदी, मौलवी हारून कासिमी आदि ने संबोधित किया। जलसे में असरार, वकील, इरफान अंसारी, अकबर कुरैशी, जायर हुसैन चांद, डा. शहजाद हाशमी, सईद रमजान, अमजद आदि थे। संचालन मुफ्ती अब्दुल मोमिन ने किया। अध्यक्षता कर रहे मौलाना जमील हाशमी ने दुआ कराकर जलसे का समापन किया ।