रुड़की के लिए भी .....
देवबंद। पुलिस ने बाइकों की चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। गिरोह के कब्जे से देवबंद एवं रुड़की से चुराई गई 13 बाइक भी बरामद हुई है। गिरोह के सदस्य मास्टर चाबी से बाइक का लॉक खोलकर चोरी करते थे।
शुक्रवार को कोतवाली में पत्रकार वार्ता में एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बाइक चोरियों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 9 अक्तूबर को वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डा. धर्मवीर सिंह और सीओ सुरेशपाल सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक ब्रजपाल सिंह की टीम ने अंबहेटा शेखां तिराहे से चेकिंग दौरान अंकित पुत्र हरपाल, संदीप पुत्र भूरा, कर्ण सिंह उर्फ गौरव पुत्र निरंजन निवासी रणखंड़ी, फुरकान पुत्र मकसूद निवासी उमरी मजबता (बड़गांव), दीपेंद्र उर्फ सोनू पुत्र विक्रम निवासी दल्हेड़ी और अमरजीत उर्फ बोबी पुत्र सत्यपाल निवासी गोगवान जलालपुर बाबरी (शामली) को तीन बाइकों के साथ पकड़ा है। इनकी निशानदेही पर गांव रणखंड़ी से 10 चोरी की बाइक बरामद की गई हैं।
एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली तथा उत्तराखंड के हरिद्वार एवं हरियाणा राज्य में मिलकर चोरी करते हैं। गिरोह का सरगना संदीप पुत्र भूरा मास्टर चाबी से लॉक खोलकर बाइक चोरी करता था। जो कुछ दूर जाने के बाद गिरोह के दूसरे सदस्य को हैंडओवर बाइक कर देता था। जिन लोगों को गिरोह चोरी की बाइक बेचता था उन्हें भी चिन्हित कर आरोपी बनाया जाएगा। फिलहाल गिरोह के तीन सदस्य टारजन उर्फ नकुल उर्फ दिनेश निवासी गुनारसा, उदयवीर पुत्र बलवीर निवासी दल्हेड़ी एवं प्रशांत पुत्र नरेश निवासी रणखंडी फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
कोई इंटरमीडिएट तो कोई स्नातक
देवबंद। गैंग लीडर संदीप पुत्र भूरा ने इंटरमीडिएट पास करने के बाद आईटीआई में यमुनानगर दाखिला लिया था। उसने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि बीमार भाई के इलाज के लिए रुपये जुटाने के लिए तीन महीने से वह बाइक चोरी कर रहा है। एक माह पूर्व भाई की मृत्यु हो चुकी है। दूसरा आरोपी अंकित भी 12वीं पास है जबकि अमरजीत उर्फ बोबी स्नातक है। गिरोह में शामिल तीन सदस्य बाइक चोरी करते थे जबकि तीन उन्हें बेचते थे। उन्होंने बताया कि बाइक चोरी करने के बाद वह आगे 5 से 8 हजार रुपये में बेच देते थे। बाइक बिकने के बाद सभी सदस्य बराबर हिस्सा बांट लेते थे।