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मौलाना कल्बे सादिक के बयान से खफा उलेमा

Sat, 13 Sep 2014 05:31 AM IST
Saharanpur
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देवबंद। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक के बयान लवजेहादी मुसलिम युवकों के साथ कोई रहम न किया जाए और उन्हें मुसलमान माना जाए। इस बयान पर उलेमा और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने नाराजगी जताते हुए बयान को समाज में रोष पैदा करने वाला करार दिया है।
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शुक्रवार को मौलाना कल्बे सादिक के बयान पर नाराजगी जताते हुए दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि ऐसा लगता है कि मौलाना कल्बे सादिक आरएसएस के एजेंट से प्रभावित होकर यह बयान दे रहे हैं। कहा कि वह मुसलमानों को सजा देने वाले या उन्हें इस्लाम धर्म से खारिज करने वाले होते कौन हैं। मुफ्ती आरिफ ने कहा कि लव जेहाद का देश में चल रहा भ्रामक प्रचार केवल सोची समझी साजिश का हिस्सा है। जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की देन है। उन्होंने कहा कि जो बयान कल्बे सादिक ने दिया है उससे समाज में केवल रोष ही पनपेगा। मदरसा जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने भी इसकी निंदा की है। लेखक कमल देवबंदी ने कल्बे सादिक के बयान पर कहा कि उनके द्वारा दिए गए बयान से लव जेहाद के झूठे प्रचार को ओर ताकत प्रदान होगी और इससे समाज में रोष पैदा होगा। कहा कि यदि किसी के प्यार में पड़कर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो यह जेहाद नहीं हो सकता।
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