गंगोह। एक पखवाडे़ पूर्व लगातार हुई वर्षा के दौरान उफनीं यमुना ने जहां पलेज पालकों को भारी क्षति पहुुंचाई, वहीं पानी उतरने पर सैकड़ों बीघा भूमि का कटान कर दिया। सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई सड़क भी पानी की चपेट में आ गई।
यमुना नदी में एक पखवाडे़ पूर्व तेज बहाव के साथ पानी आया था। उस समय पलेज लगाने वाले किसानों की तरबूज, खीरा, ककड़ी, लौकी, कद्दू, तोरी आदि सब्जियों सहित गन्ना और गेहूं की फसलें भी बह गई थीं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ था। दो सप्ताह तक चला पानी अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। अब पानी ने उतरते वक्त जाते-जाते बल्लामजरा के हुसैन अब्बास की 80 बीघा, अब्बास अली की 60 बीघा, हलवाना के रजा अब्बास की 90 बीघा, मौलाना गुलफाम हैदर की 30 बीघा, भूरा की 20 बीघा, रियाजुल हसन की 50 बीघा, नागल राजपूत के राजेश कुमार की 55 बीघा, इसी गांव के राकेश कुमार की 40 बीघा, सोम सिंह सैनी की 20 बीघा, कुंडा कला के मास्टर बासिद अली की 92 बीघा, मशरूर राणा की 50 बीघा, नवीन कुमार की 50 बीघा, दौलतपुर के तहसीन की 10 बीघा, सराजपुर के सिंधर की 50 बीघा जमीन को अपने साथ बहा लिया। नागल घाट पर सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई सड़क को भी यमुना नदी का पानी बहा ले गया। यमुना में पानी के चलते यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए नाव व अन्य साधनों साहरा लेना पड़ रहा है।