सहारनपुर। लगातार कहर ढा रही ठंड से उन छात्र-छात्राओं की सेहत पर असर पड़ने लगी है जिन्हें अब भी स्कूल जाना पड़ रहा है। शहर के बाबा लाल दास रोड पर स्थित हिंदू कन्या इंटर कालेज में तो कई छात्राएं बीमार ही पड़ गई हैं। इनकी ओर से लगातार भेजी गई छुट्टियों की एप्लीकेशन से कालेज प्रशासन भी सकते में है। छात्राओं के ठंड से बीमार पड़ने के विरोध में सहयोगी छात्राओं ने कालेज गेट पर प्रदर्शन कर रोष जताया।
प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि प्रशासन ने कक्षा आठ तक की छुट्टियां तो कर दी हैं लेकिन बाकी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को भी तो ठंड मुश्किल में डाल रही है। छात्राओं ने चिंता जताई कि छह-सात छात्राएं बीमार पड़ चुकी हैं और उनकी एप्लीकेशन भी कालेज को भेजी गई है, लेकिन न तो कालेज अवकाश करने को तैयार है और न ही जिला प्रशासन से राहत मिल रही है।
कुछ छात्राओं का कहना है कि सीबीएसई स्कूलों में तो कक्षा 12 तक की सभी कक्षाओें के अवकाश घोषित हैं लेकिन हिंदी मीडियम स्कूलों में ऐसा नहीं है। कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी उठाकर कालेज जाना पड़ रहा है। इसी का नतीजा है कि कालेज की छात्राएं कड़कड़ाती ठंड का शिकार हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्कूल की छुट्टी कर ठंड से राहत न दी गई तो अन्य कालेजों के छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर विरोध किया जाएगा। उधर, कालेज की प्रधानाचार्या डा. कुदसिया अंजुम ने भी पुष्टि की कि कई छात्राओं ने ठंड के कारण बीमार होना बताकर छुट्टी की एप्लीकेशन दी हैं। इनके अलावा बाकी छात्राएं भी छुट्टियां करने की मांग कर रही हैं। कक्षा बारह की छात्रा शमिक्षा, दीपाक्षी, कृतिका, शाहिस्ता, फरहीन, नगमा सहित अन्य ने ठंड से बीमार होने पर प्रार्थना पत्र भेजे हैं। प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में राखी, फरहीन, दीपिका जैन, सपना, सोनिया, पारूल, मीनाक्षी, ममता, शालू, शौकीना, रूबी, मोनिका आदि शामिल रहीं।
स्कूल आने में वाहनों की भी टेंशन
प्रदर्शन में शामिल दाबकी गुर्जर, हलालपुर, मुल्लानगराज, सुल्तानपुर, महखानी, देवला, नाजरपुर आदि गांवों की छात्राओं का कहना है कि सुबह स्कूल जाते समय उन्हें दूर-दूर तक कोई वाहन नहीं मिल पाते हैं। इसके चलते उन्हें स्कूलों में पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षण कार्य भी हुआ मुश्किल
कालेज की प्रधानाचार्या के अलावा अन्य टीचर्स का भी कहना है कि ठंड के कारण सीनियर्स छात्राओं की उपस्थिति काफी कम हो गई है। सर्दी में कक्षाओं में शिक्षण कार्य कराना अब मुश्किल होने लगा है, लेकिन छुट्टियों का निर्णय शिक्षा विभाग या प्रशासन को ही करना है। छात्राओं की मांग पर कालेज प्रशासन खुद कुछ नहीं कर सकता।