देवबंद। खेड़ामुगल में सर्राफ रमेश उर्फ टोनी वर्मा के हत्यारोपी 24 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए। पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से सर्राफ की मौत का कारण लग रहा है। मामला हत्या में दर्ज होने के कारण विसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा।
उधार का तगादा करने पर दुकानदार और उसके पुत्रों ने मंगलवार को 55 वर्षीय सर्राफ रमेश उर्फ टोनी वर्मा की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। मामला दो समुदायों का होने के कारण गांव में पीएसी तैनात है। मृतकके परिजनों ने गांव के ही नफीस और उसके पुत्र इकरार, शोएब के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
खेड़ामुगल चौकी प्रभारी विकास यादव ने बताया कि रमेश के परिजन तो कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे, लेकिन कुछ लोग गांव का माहौल बिगाड़ने के प्रयास में थे। इसके चलते तहरीर मिलने पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। बताया गया कि रमेश कमजोर दिल का था जो अक्सर बीमार रहता था। जब उसके पुत्र के साथ झगड़ा हुआ तो वह बीच बचाव के लिए पहुंचा। धक्का मुक्की के दौरान उसकी मौत हो गई। पीएम रिपोर्ट बिल्कुल निल है। इसलिए प्रथम दृष्टता मौत का कारण हार्ट अटैक लग रहा है। विसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। उधर, सीओ चरण सिंह यादव ने बताया कि आरोपियों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।