चिलकाना मंडी परिसर में स्थापित गेहूं क्रय केंद्र पर तोल कांटे को परखते केंद्र प्रभारी। संवाद
सहारनपुर। जनपद में सरकारी गेहूं खरीद के लिए 98 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बारदाने से लेकर तौल कांटे तक की तमाम व्यवस्थाएं कर ली गईं हैं। हालांकि अभी 15 दिनों तक क्रय केंद्रों पर गेहूं आने की संभावना कम ही हैं।
किसानाें को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के उददेश्य से सरकार गेहूं की सरकारी खरीद कराती है। जनपद में इसके लिए 98 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 11, पीसीएफ के 62, पीसीयू के 16, मंडी परिषद के तीन और भारतीय खाद्य निगम के छह क्रय केंद्र शामिल हैं। इन क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की तमाम व्यवस्थाएं चॉक चौबंद कर दी गई हैं। इन क्रय केंद्रों की जियाे टेगिंग भी हो चुकी है। इस बार केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। खाद्य विभाग के सर्वे के अनुसार जनपद में गेहूं का क्षेत्रफल 135298 हेक्टेयर है। जनपद में गेहूं की औसत उत्पादकता 45.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इसके चलते इस बार गेहूं का उत्पादन करीब 615329 मीट्रिक टन होने की उम्मीद है। 17 मार्च से शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद का सीजन 15 जून तक चलेगा।
वर्जन
जनपद के सभी गेहूं क्रय केंद्र खरीद के लिए तैयार हैं। हालांकि अभी गेहूं आने में करीब 15 दिन लगेंगे। अब तक 2848 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं। सरकार क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के इच्छुक किसान अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। - आरपी पटेल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी