स्कूलों में फीस वृद्धि में अब तक कोई राहत नहीं
सहारनपुर। निजी स्कूल संचालकों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावक एक माह से अधिक समय से धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन तो सौंप रहे हैं। लेकिन फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण के लिए बनी जनपदीय शुल्क नियामक समिति के पास शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अभिभावकों में इसके प्रति जागरूक न होने के कारण अब तक कोई राहत नहीं मिल पाई है और न ही स्कूलों की मनमानी पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने प्राइवेट स्कूल संचालकों की फीस संबंधी मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों में जनपदीय शुल्क नियामक समिति बनाने के आदेश दिए हैं। समिति को कई अधिकार दिए गए हैं। इसमें स्कूलों पर एक से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और मान्यता निरस्त की संस्तुति करना शामिल है। इस बार भी लगभग सभी स्कूलों ने फीस में पांच से 20 फीसदी तक वृद्घि कर दी है। जिसे लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। कई बार जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर स्कूल संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने और बढ़ी हुई फीस वापस कराने की मांग कर चुके हैं। मगर अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। खास बात यह है कि शासन के आदेश पर जनपदीय शुल्क नियामक समिति का गठन किया गया है। मगर समिति के गठन के करीब 20 दिन बाद एक भी शिकायत लिखित रूप से समिति को नहीं की गई है।
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- समिति कर सकती है बड़ी कार्रवाई
प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी अभिभावक को अपने बच्चे के स्कूल संचालकों द्वारा बढ़ाई गई फीस पर आपत्ति है तो वह स्कूल प्रधानाचार्य को लिखित में आपत्ति दर्ज कराए। यह स्कूल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वह 15 दिन के भीतर शिकायत का निस्तारण करें। यदि स्कूल निस्तारण नहीं करता है तो अभिभावक इसकी शिकायत जनपदीय शुल्क नियामक समिति से करेगा। समिति स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब मांगेगी और सही फीस निर्धारित करने को कहेगी। यदि स्कूल संचालक समिति की बात नहीं मानते हैं तो समिति एक से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है। साथ ही स्कूल की मान्यता निरस्त करने के लिए बोर्ड से संस्तुति कर सकती है।
ये हैं समिति के सदस्य
जनपदीय शुल्क नियामक समिति में 10 सदस्य रखे गए हैं। इनमें जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों में एडीएम-प्रशासन, बीएसए और कुलभूषण जैन शामिल है। सीए कुनाल अग्रवाल, शिक्षक समिति सदस्य आदिल हसन, पाइनवुड स्कूल के प्रधानाचार्य डॉक्टर संजीव जैन सदस्य हैं। पदेन सदस्यों में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ताराचंद, वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा सतीश कुमार शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक इसके पदेन सदस्य सचिव हैं।
शिकायत आने पर समिति करेगी कार्रवाई
अभिभावक फीस वृद्घि का विरोध तो कर रहे हैं, मगर सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है। उसके तहत जनपदीय शुल्क नियामक समिति के पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आती है तो समिति नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
- डॉक्टर अरुण कुमार दूबे, पदेन सदस्य सचिव, समिति/जिला विद्यालय निरीक्षक।