सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद में पिछड़ा जिला
सहारनपुर। जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद पिछड़ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12 मई तक करीब 7722 मीट्रिक टन खरीद कम हुई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य के बराबर बाजार भाव होने के अलावा बेमौसमी बारिश के कारण कई स्थानों पर चमकहीन गेहूूूं होना भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। जिले में अब तक लक्ष्य का मात्र 47.72 प्रतिशत ही गेहूं खरीद हो सकी है।
जनपद में पिछले वर्ष की तुुलना में इस बार गेहूं की सरकारी खरीद कम हुई है। पिछले वर्ष 12 मई तक जहां 42321.93 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था जबकि इस बार 12 मई तक मात्र 34599.115 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका है। जिले में इस बार गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य शासन ने 72500 मीट्रिक टन दे रखा है। अब तक हुई गेहूं खरीद लक्ष्य का मात्र 47.72 प्रतिशत ही बैठती है जबकि इस बार गेेहूं की उत्पादकता में भी बढ़ोतरी हुई है। इस बार जिले में गेहूं का क्षेत्रफल भी 1.36 लाख हेक्टेयर है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के पिछड़ने का बडा कारण सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के बराबर ही बाजार भाव होना बताया जा रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रिंस चौधरी ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार गेहूं खरीद कम हुई है। इसका एक कारण तो बाजार भाव का न्यूनतम समर्थन मूल्य के बराबर होना है। दूसरा असर कुछ क्षेत्रों में बेमौसम की बरसात का पड़ा है। इससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने के लिए तमाम कोशिशें जारी है। उम्मीद है कि गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
12 मई तक गेहूं की सरकारी खरीद की स्थिति
- जनपद में स्थापित सरकारी क्रय केंद्र 96
- गत वर्ष गेहूं खरीद 42321.93 मीट्रिक टन
- इस वर्ष गेहूं खरीद 34599.115 मीट्रिक टन
इस वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य-72500 मीट्रिक टन
लाभान्वित किसान---- 12012
किसानों को किया गया भुगतान-6435.44 लाख रुपये