बेहट (सहारनपुर)। अवैध खनन की होड़ में माफिया कायदे कानून को ताक पर रखकर खनन नियमावली की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है। इतना ही नहीं पांच राज्यों के जल बंटवारे के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले हथनीकुंड़ बैराज की सुरक्षा की दृष्टि से उसके आसपास खनन प्रतिबंधित होने के बावजूद यहां दिन-रात जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में बैराज और यूपी के तटबंध को बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।
शासन द्वारा यमुना नदी में नुनियारी घाट पर खनन पट्टे का अनुबंध होने के बाद से पूरी यमुना नदी में अवैध खनन सारे रास्ते खुल गए है। माफिया बेखौफ होकर दिन रात यमुना का सीना छलनी कर रहे है। अवैध खनन को लेकर बेहट कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी तो खूब चर्चाओं में है। पिछले दिनों पकड़ जाने पर कोतवाली में ही खनिज से भरे ट्रक चालकों ने कोतवाली के दो पुलिसकर्मियों के नाम सार्वजनिक किए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई कोई नहीं हुई। थाना मिर्जापुर क्षेत्र में तो अवैध खनन की तस्वीर इससे भी भयावह है। कंडाईवाला घाट जहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। पांच राज्यों के जल बंटवारे के लिए बनाए गए हथनीकुंड बैराज कि सुरक्षा की दृष्टि से यहां सरकारी स्तर से खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके माफिया इस संवेदनशील स्थान पर अवैध खनन करने से बाज नहीं आ रहे और दिन-रात प्रतिबंधित मशीनों से अवैध खनन कर रहे है। उधर, थाना मिर्जापुर प्रभारी अशोक सोलंकी का कहना है कि किसी भी कीमत पर अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा, यदि हथनीकुंड़ बैराज के पास यमुना नदी में अवैध खनन किया जा रहा है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, यदि हथनीकुंड़ बैराज के पास अवैध खनन किया जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है। वह इसकी जांच कराएंगे। युगराज सिंह, एसडीएम बेहट।