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ग्रामीणों ने घुमंतू पशुओं को किया स्कूल में बंद, पुलिस ने कराया मुक्त

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बड़गांव (सहारनपुर)। गांव बालूमाजरा में घुमंतू पशुओं से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें घेर कर गांव के प्राथमिक स्कूल में बंद कर ताला जड़ दिया। रात भर पशु स्कूल परिसर में बंद रहे। सुबह सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुबह तेज बारिश में गांव पहुंची पुलिस ने ताले को तोड़कर पशुओं को मुक्त कराया। एसडीएम रामपुर मनिहारन भी गांव पहुंची और उन्होंने दोबारा किसी सरकारी स्कूल में पशुओं को इस तरह बंद करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। ग्रामीणों में प्रशासन के इस रवैये को लेकर रोष बना हुआ है।
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सोमवार की देर शाम बालूमाजरा गांव के ग्रामीणों ने खेतों को नुकसान पहुंचा रहे घुमंतू गोवंश को गांव के ही प्राथमिक स्कूल में बंद करते हुए बाहर से ताला जड़ दिया। इसके चलते पशु पूरी रात स्कूल की चारदीवारी में ही बंद रहे। मंगलवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। इसके बाद शिक्षण कार्य को बाधित होने से रोकने के लिए तेज बारिश के बावजूद थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए ताले को तोड़ कर गोवंश को मुक्त कराया। इसके बाद एसडीएम रामपुर मनिहारन संगीता गौतम, बीडीओ नानौता डा. सीपी सिंह, राजकीय पशु चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी डा प्रियंका शर्मा भी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने गांव के गण्यमान्य लोगों की बैठक ली। इसमें एसडीएम ने ग्रामीणों को चेताया कि यदि अब भविष्य में किसी ग्रामीण ने सरकारी स्कूल में आवारा घूम रहे पशुओं को फिर से बंद किया तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। साथ ही पशु गणना के आधार पर सूची में मिलान करने के बाद ऐसे किसी पशुपालक के यहां यदि पशु कम पाया गया तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस द्वारा पशुओं को मुक्त करके खुले में छोड़ने को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष बना हुआ है। गांव बालूमाजरा के किसान सोहन पुत्र मामराज व मंजु पुत्र रहतू का कहना है कि पुलिस द्वारा स्कूल से छोड़ने के बाद आवारा पशु फिर से उनके गेहूं के खेत में जा घुसे तथा वहां खड़ी फसल को नष्ट कर गए। ग्राम प्रधान कर्ण सिंह का कहना है प्रशासन को चाहिए कि वह आवारा पशुओं को गोशाला में छुड़वाने का काम करे। घुमंतू पशुओं ने किसानों की खेती को उजाड़ कर रख दिया है। उधर, एसडीएम संगीता गौतम ने बताया कि पशु भी किसानों द्वारा ही छोड़े गए हैं।
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