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कीटनाशक विक्रेताओं को डिप्लोमा लेना होगा

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कीटनाशक विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिलाकर डिप्लोमा दिलाएगा कृषि विभाग
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सहारनपुर। मानक के अनुरूप योग्यता नहीं रखने वाले कीटनाशक विक्रेताओं को कृषि विभाग ट्रेनिंग देकर डिप्लोमा देगा। इन विक्रेताओं को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय का डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस फॉर इनपुट डीलर्स दिया जाएगा। ऐसा नहीं करने वाले कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाएगा।
कीटनाशी अधिनियम 1968 में हुए संशोधन में कीटनाशी विक्रय लाइसेंस के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय की गई थी। इसमें कीटनाशक विक्रेताओं को कृषि स्नातक या रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान में स्नातक होना अनिवार्य है। जिन विक्रेताओं के पास यह योग्यता नहीं है। उनके लिए कृषि रक्षा अनुभाग द्वारा डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेशन सर्विस फॉर इनपुट डीलर्स एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स चलाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य कोई भी योग्यता मान्य नहीं होगी। प्रशिक्षण में कीटनाशक विक्रेताओं को स्थानीय कृषि समस्याओं के मद्देजनर नवीनतम कृषि तकनीकी से अवगत कराया जाएगा।
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इसके अलावा कृषि निवेश के रखरखाव को बेहतर करने के अलावा सरकारी नियमों की जानकारी भी दी जाएगी। जिला कृषि रक्षा अधिकारी क्षिप्रा ने बताया कि कीटनाशक विक्रेताओं के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित हो चुकी है। इसके लिए विक्रेेता के पास कृषि स्नातक या रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान में स्नातक होना चाहिए। इसके अलावा डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस फॉर इनपुट डीलर्स धारक विक्रेता भी लाइसेंस के योग्य है। उन्होंने बताया कि यदि कीटनाशक विक्रेता के पास यह योग्यता नहीं होगी। उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। जिले में जल्द ही इस डिप्लामा के लिए प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
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