सहारनपुर। दहेज के लिए हत्या के मामले में कोर्ट ने पति को दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। जबकि सास को तीन साल की सजा सुनाई गई।
सदर कोतवाली के मोहल्ला अर्जुन नगर निवासी अमित नारंग ने सात फरवरी 2014 को तहरीर दी थी कि जब वह अपनी दुकान बंद करके घर पहुंचा तो उसकी पत्नी रितु घर पर मृत पड़ी थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के शिमला निवासी रितु के भाई संजय कुमार सखूजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन को उसका पति अमित दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। रितु की सास सुषमा नारंग भी तंग करती थी। आरोप लगाया था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ही रितु की हत्या की गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मवीर पुंडीर ने बताया कि पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया।
मामला जिला न्यायाधीश की कोर्ट में चला। मामले की सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश राजीव शर्मा ने साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए रितु के पति अमित नारंग को दस वर्ष का कारावास तथा पांच हजार रुपये के दंड से दंडित किया। जबकि सुषमा नारंग को तीन वर्ष के कारावास की सजा तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है। वहीं, हाईकोर्ट में अपील डालने पर सुषमा नारंग को अंतरिम जमानत दे दी गई है।