गायक और शायर बने बंदी, जमकर बजीं तालियां
सहारनपुर। जिला कारागार में आयोजित खेल प्रतियोगिता स्पो फिएस्टा स्पंदन का समापन रस्साकशी प्रतियोगिता के फाइनल के साथ हो गया। मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने सभी को बधाई दी और अपराध छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया।
शनिवार को समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने रस्साकशी प्रतियोगिता के फाइनल का टॉस उछालकर किया। प्रतियोगिता बैरक नंबर 1, 2 एवं 8,9 के बीच हुई। जिसमें बैरक 8,9 की टीम ने जीत दर्ज की। ओवरऑल चैंपियन बैरक 1,2 की टीम रही और चैंपियनशिप ट्राफी प्राप्त की। मैन ऑफ द टूर्नामेंट की ट्राफी नीर पंवार ने जीता। मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने 38 पुरुष खिलाड़ियों एवं 16 महिला प्रतियोगियों को पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने कहा कि प्रतियोगिताओं से सकारात्मक माहौल बनता है। उन्हें भी खिलाड़ियों को देखकर अपना बचपन याद आ गया। उन्होंने कहा कि बंदियों के लिए कौशल विकास के कार्यक्रम भी कराए जाएं। इस मौके पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉक्टर वीरेश राज शर्मा ने कहा कि जेल और समाज को जोड़ने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। इस मौके पर जेलर केके दीक्षित, उप कारापाल सूबेदार सिंह, हिमांशु रौतेला मौजूद रहे।
--------------
सलाखों ने मजबूर कर दिया, मेरे गुनाहों ने अपनों से दूर कर दिया
- हत्या के आरोप में बंद नीटू निवासी हकीमपुरा ने सुनाया ‘सलाखों ने मजबूर कर दिया, मेरे गुनाहों ने अपनों से दूर कर दिया’ तो हर बंदी भाव विभोर हो गया। नीटू लगभग सात वर्ष से जिला कारागार में बंद है। बताया जा रहा है कि नीटू ने जेल में रहते हुए ही हाईस्कूल की परीक्षा पास की। उसे शायरी, गजल लिखने का शौक है। उसने जेल में रहते हुए काफी शायरी लिखी। उसने स्पो फिएस्टा में अपनी रचना सुनाई तो बंदियों ने जमकर तालियां बजाईं। बंदी दिव्यांग शमशाद ने भी अपनी भावनाओं को प्रस्तुत किया और तालियां बटोरीं। बंदियों ने गीत गाए, कविता, शायरी एवं गजल सुनाकर समां बांधा। महिला बंदियों ने भी गीत प्रस्तुत किए।
--------
.... जब जेलर साहब भी रंग में आ गए
बंदियों ने जब एक से बढ़कर एक गीत एवं शायरी सुनानी शुरू की और समां बांधा तो जेलर केके दीक्षित भी उनके रंग में रंग गए। उन्होंने भी माइक हाथ में ले लिया और फिर जमकर शेर सुनाए। उनकी शायरी पर बंदियों ने खूब तालियां बजाईं।