सहारनपुर। पहले जमीन न मिलने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना अधर में लटकी रही, अब कांशीराम आवासीय योजना के आवासों को प्रधानमंत्री आवास योजना के रूप में विकसित करने में देरी हो रही है। इन आवासों का निर्माण पूरा कराने के लिए आईआईटी रुड़की से परीक्षण कराया जा रहा है। परीक्षण रिपोर्ट आने पर निर्णय हो सकेगा कि आवासों को कांशीराम आवासीय योजना से प्रधानमंत्री आवास योजना में विकसित करने में क्या बदलाव करना होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत दो हजार आवास बनाए जाने हैं। जिन पर तीन चरणों में काम होना है। पहले चरण में 750, दूसरे चरण में 750 तथा तीसरे चरण में शेष आवास बनाए जाने हैं। आवास तैयार करने का जिम्मा सहारनपुर विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद पर है। आवास बनाने के लिए सरकारी जमीन चाहिए, जिसकी तलाश पिछले करीब डेढ़ साल से चल रही है। कुछ समय पहले गांव घोघरेकी के पास जमीन देखी गई थी, मगर जमीन नदी के किनारे होने की वजह से जमीन को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने मंडी समिति रोड पर खाली पड़ी भारत सरकार की 23 बीघा दो बिस्वा जमीन को चिह्नित किया। कमिश्नर सीपी त्रिपाठी और डीएम आलोक कुमार पांडेय ने उक्त जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। मुख्य सचिव ने जमीन पर आवास बनाने को हरी झंडी भी दे दी थी, मगर उक्त जमीन नगर निगम की देखरेख में है। नगर निगम की ओर से शासन को पत्र लिखकर जमीन पर आपत्ति दर्ज करा दी गई, जिसकी वजह से जमीन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नहीं मिली।
गत सात दिसंबर को कमिश्नर और डीएम ने विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद के अधिकारियों के साथ गांव मवीकला में अधूरे पड़े कांशीराम आवास योजना के आवासों का निरीक्षण किया था। उक्त भवनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्ण कराने के निर्देश दिया गया था। इसके बाद आवास एवं विकास परिषद ने विकास प्राधिकरण से आवासों के परीक्षण रिपोर्ट मांगी है। आवासों का परीक्षण आईआईटी रुड़की से कराया जाना है। रिपोर्ट आने पर निर्णय होगा कि आवासों का निर्माण आवास विकास कराएगा या फिर विकास प्राधिकरण।
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कांशीराम योजना के आवासों की स्थिति
कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तीसरे चरण में विकास प्राधिकरण द्वारा गांव मवीकला में प्रस्तावित 600 भवनों के सापेक्ष 368 भवनों का निर्माण प्लिंथ लेवल से ऊपर तथा 232 भवनों का निर्माण प्लिंथ लेवल से नीचे कराया गया था। उक्त आवासों के लिए आवास विकास परिषद की ओर से चार एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई थी, जो कि राजस्व अभिलेखों में आवास एवं विकास परिषद सहारनपुर के नाम दर्ज है। ---- वर्जन ----
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत दो हजार आवास बनने हैं, जिनके लिए अलग से जमीन पाने के लिए तलाश कराई गई, मगर जमीन नहीं मिली है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा शासन को अवगत कराया गया है। -- सुखलाल भारती, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनवाने के लिए कांशीराम आवास योजना के अधूरे आवासों की परीक्षण रिपोर्ट मांगी गई है। परीक्षण रिपोर्ट आने पर निर्णय होगा। -- मुकेश यादव, अधिशासी अभियंता, आवास एवं विकास परिषद