मुस्लिम परिवार में एक माह तक बेटी बनकर रही किशोरी
गंगोह (सहारनपुर)। बरेली जनपद में अपने घर से नाराज होकर यहां सहारनपुर में पहुंची एक हिंदू किशोरी को मुस्लिम परिवार ने एक माह तक बेटी की तरह रखा। शनिवार को जानकारी मिलने पर परिजन उसे वापस अपने साथ ले गए। हालांकि किशोरी के अपहरण के आरोप में दो युवकों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
बता दें कि करीब एक माह पूर्व जनपद बरेली के शिवधाम कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय एक हिंदू लड़की परिजनों से नाराज होकर सहारनपुर पहुंच गई थी। यहां गंगोह के गांव हमजागढ़ निवासी वाकिब और उसकी पत्नी राशिदा युवती को अपने घर ले आए थे। लड़की यहां आकर अपने को सुरक्षित महसूस करते हुए खुशी-खुशी रहने लगी। उधर, किशोरी के लापता होने से परेशान परिजनों ने काफी तलाश के बाद सुभाष नगर, बरेली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। बरेली पुलिस ने किशोरी की तलाश शुरू की। पुलिस ने मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर वहीं के दो युवकों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों आरोपियों को अपहरण कर गायब करने के आरोप में जेल भेज दिया गया। कुछ दिन पूर्व किशोरी ने जेल गए एक युवक के मोबाइल पर एसएमएस किया। यह मोबाइल उस समय युवक के भाई के पास था। इसके बाद बरेली पुलिस ने फोन नंबर ट्रेस कर किशोरी का पता लगा लिया। बरेली पुलिस ने फोन पर संपर्क किया तो गांव हमजागढ़ निवासी वाकिब ने फोन उठाया। पुलिस ने उक्त व्यक्ति का नाम पता पूछने के बाद किशोरी के बारे में पूछा तो उसने पुलिस को पूरी बात बताई। उसने कहा कि किशोरी सही सलामत उनके घर पर ही खुशी से रह रही है।
शनिवार को बरेली पुलिस के एसआई अशोक कुमार, कांस्टेबल कविता रानी एवं राजीव कुमार, किशोरी के बाबा राजेंद्र सिंह और बुआ शीतल सिंह के साथ गंगोह कोतवाली पहुंच गए। इसके बाद पुलिस किशोरी एवं वाकिब और उसकी पत्नी राशिदा को कोतवाली ले आई। वहां किशोरी राशिदा के गले मिलकर उसे अपनी मां बताते हुए रोने लगी। लड़की ने बताया कि उसके पिता नशे के आदी हैं और आए दिन उसके साथ मारपीट करते हैं। इससे परेशान होकर उसने घर छोड़ दिया था। लड़की ने बताया कि इन लोगों ने उसे मां बाप से भी ज्यादा प्यार दिया।