सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने निर्देश दिया कि सभी कार्यदायी संस्थाएं पचास लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में गति लाते हुए शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कराएं। जिन निर्माण कार्यों में धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी प्रगति धीमी है उस कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं परिपालन आख्या भी भेजें। जो कार्य पूरे हो चुके हैं उसकी रिपोर्ट भी भेजी जाए। जिससे आगामी माह में मुख्यमंत्री के संभावित दौरे पर उनसे उद्घाटन कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य विकास योजना के तहत गांव का संपूर्ण विकास करने हेतु लोकनिर्माण विभाग, विधवा, वृद्धावस्था पेंशन, कौशल विकास, पौधरोपण, दिव्यांगजन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय खाद्य मिशन, वैकल्पिक मार्ग प्रकाश व्यवस्था, बेसिक शिक्षा, आवासहीन को आवास, परिषदीय विद्यालयों में कम्प्यूट्रीकरण, आंगनबाड़ी केन्द्र आदि से गांवों का विकास किया जाना है। सभी विभाग इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जी जान से जुट जाएं। इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने उजाला योजना की समीक्षा करते हुए विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि वे जनपद के सभी विभागों के लिए एलईडी बल्ब का लक्ष्य निर्धारित करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एवं ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों और लेखपाल आदि को एलईडी बल्ब लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने पीडब्लूडी, राजकीय निर्माण निगम, सीएनडीएस, यूपीस्टेट कंसट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलेपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड, सेतु निगम आदि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग, पेंशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना, खाद्य प्रसंस्करण, नई सड़कों का रख-रखाव, विद्युत, प्रधानमंत्री आवास योजना, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नीली क्रांति योजना आदि की समीक्षा की। मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी बीएस सोढ़ी सहित सभी संबंधित अधिकारी रहे।