सहारनपुर। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व इमाम कारी सैय्यद इसहाक गोरा ने रविवार को भी हेल्पलाइन पर रोजेदारों के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं को दूर किया।
सवाल- बिजनौर के धामपुर निवासी दानिश अजीम ने पूछा कि उसके गुर्दे में पथरी है, जिसकी वजह से काफी दर्द रहता है। वह दवा खाकर रोजा तोड़ना नहीं चाहते। क्या रोजे की हालत में इंजेक्शन लगवा सकते हैं।
जवाब- यदि कोई रोजेदार इंजेक्शन लगवाता है तो उसका रोजा नहीं टूटेगा। क्योंकि, इंजेक्शन से दी जाने वाली दवा को खाना-पीना नहीं कहते।
सवाल- गंगोह निवासी ऊबैद ने पूछा कि अक्सर लोग कहते हैं कि जकात का जिक्र सिर्फ हदीसों से साबित होता है। जकात का कुरान में जिक्र नहीं है, क्या ये सही है?
जवाब- हदीसों के अलावा कुरान-ए-करीम में भी जकात का जिक्र आया है। कुरान-ए-करीम में नमाज के साथ 82 स्थानों पर जकात का जिक्र है।
सवाल- रामपुर मनिहारान निवासी शकिर ने पूछा कि वह सहरी के आखिरी समय में इलायची मुंह में डाल लेते हैं। रोजा शुरू होने से पहले ही मुंह से निकाल देते हैं, लेकिन मुंह में महक रह जाती है। शरीयत के अनुसार इससे रोजे पर कोई असर तो नहीं आएगा।
जवाब- यदि किसी रोजेदार ने सहरी में इलायची खाई और रोजा शुरू होने से पहले थूक दी और महक मुंह में रह गई तो इससे रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल- चिलकाना बस अड्डा निवासी मसूद ने सवाल किया कि वह रोजे से थे और अचानक उनके पैर पर चोट लगने से नाखून उखड़ गया। इससे उनका रोजा खत्म तो नहीं हुआ।
जवाब- रोजे की हालत में अगर किसी व्यक्ति का नाखून टूटे तो रोजे पर कोई असर नहीं पड़ता है।