भागवत कथा में पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग पर झूमे
देवबंद (सहारनपुर)। वृंदावन के कथा व्यास देवेश कृष्ण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा में पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया। कथा के बीच में प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
श्री गीता भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा करते हुए देवेश कृष्ण ने कहा कि जब भगवान का कारागार में जन्म हुआ तो रात के आधे काल में सब पहरेदार सम्मोहन में आ गए। वासुदेव की बेड़ी खुल गई। तब देवकी के परामर्श अनुसार बालक को टोकरी में रखकर यमुना पार कर गोकुल में नंदग्राम में कन्या से बदल आए। उस समय यमुना पूरे उफान पर थी। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के पैर का स्पर्श होते ही वह शांत हो गई। नंद के यहां 75 वर्ष बाद बालक हुआ था तो इस पर नंदग्राम में खुशियां मनाई गई। उधर, कंस को सूचना दी कि देवकी को आठवां बालक हुआ है तो उसने देवकी से कन्या को छीनकर पत्थर पर पटकना चाहा। लेकिन वह आकाश मार्ग से स्वर्गारोहण कर गई। कंस को बता दिया कि तेरा मारने वाला ब्रज मंडल में अवतरित हो गया है। कथा व्यास ने अनेक सुंदर प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सभी अपने परिवारों को सुधारे तो पूरा भारत देश सुंदर हो जाएगा। कथा में पांचवें दिन प्रसाद वितरण सुरेंद्र सिंह पतरोल व नरेंद्र त्यागी ने किया। कार्यक्रम में मटकी फोड़ माखन चुराने वाली झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस मौके पर रवि कुमार, दीपक कुमार, बाबूराम सैनी, मोहन, सुशील, कार्तिक सैनी आदि रहे।