सहारनपुर। निजी आईटीआई संचालकों और पुलिस के बीच सरकार का पुतला फूंकने को लेकर खूब नोकझोंक हुई। अंतत: पुलिस पुतला छीनने में सफल रही, जिसकी वजह से आईटीआई संचालक पुतला नहीं फूंक सके। प्रदर्शनकारियों ने मांग न माने जाने तक सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
प्राइवेट आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े आईटीआई संचालक प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंगलवार को हकीकतनगर तिराहा स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा तो जारी कर दिया है, मगर पिछड़ा वर्ग की शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा अभी तक रिलीज नहीं किया गया है। इसकी वजह से आईटीआई संचालक आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। आरोप लगाया कि सरकार निजी आईटीआई को बंद करा देना चाहती है। जबकि निजी आईटीआई प्रत्येक वर्ष लाखों युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा दे रही हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उनके हाथ से पुतला छीन लिया। पुतले को लेकर खूब छीना झपटी हुई। इस बीच संगठन पदाधिकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई, मगर पुलिस पुतला छीनने में सफल रही, जिसे अपने साथ ले गई। अनिल ओजस्वी और विक्रांत सैनी ने फीस वृद्घि की मांग की। धरने में संजय गुप्ता, मोहित काम्बोज, अरुण कुमार बाबरे, दिलनवाज खान, राजेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, मोहम्मद सुलेमान, अब्दुल कादिर, समीर मलिक, हरेंद्र कुमार, अरविंद सैनी, पिपिन सैनी, अनुज, नवीन आदि शामिल रहे।