सहारनपुर। कोर्ट ने घर में घुसकर छेड़छाड़ के आरोप में विद्युत निगम के उपखंड अधिकारी आरपी सिंह को साथी कर्मचारी समेत सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा के बाद एसडीओ समेत दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में सोमवार को जेल भेज दिया। आरोप है कि एसडीओ ने मीटर में गड़बड़ी का डर दिखाकर पीड़िता की बहू से घर में घुसकर छेड़छाड़ की थी। आरोपी एसडीओ फिलहाल बिजनौर जिले के नजीबाबाद में तैनात था।
शर्मसार करने वाली यह घटना जुलाई 2010 की है। पीड़ित महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें बताया था कि 25 जुलाई को विद्युत निगम के एसडीओ आरपी सिंह कुछ कर्मचारियों के साथ उनके आवास पर पहुंचे थे, जहां पर मीटर में गड़बड़ होने का आरोप लगाते हुए 80 हजार रुपये का जुर्माना लगने की बात कहकर आतंकित किया। साथ में आए कर्मचारी उवैस ने भी जुर्माने से बचने के लिए एसडीओ से बात करने को कहा। 26 जुलाई को वह अंबाला रोड स्थित आफिस पर गई तो आरोप है कि एसडीओ ने जुर्माने से बचने के लिए उसकी बहू के साथ नाजायज रिश्ते बनवाने की डिमांड रखी। उसी दिन रात में आठ बजे एसडीओ ने साथी उवैस के साथ घर में आकर बहू के साथ जबरदस्ती की। विरोध किया तो दोनों आरोपी धमकी देते हुए वहां से चले गए। 27 जुलाई की रात आठ बजे के करीब दोनों ने फिर से घर में घुुसकर उसकी बहू से बदसलूकी की। शोर-शराबा हुआ तो आसपास के लोग आ गए। पीड़िता ने लोगों के साथ तत्कालीन डीआईजी से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई। एसडीओ की फोन रिकार्डिंग भी सुनाई गई, जिसमें वह नाजायज डिमांड कर रहा है। इसी आधार पर कुतुबशेर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन कर उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले की सुनवाई सीजेएम कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से कई गवाह प्रस्तुत हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डा. दीनानाथ ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सात साल के कारावास और 1.10 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। आदेश में कहा गया है कि कई धाराओं में दी गई सजाएं एक के बाद एक चलेगी। साथ ही जुर्माने की दो तिहाई रकम पीड़िता को दी जाएगी।
आरोपी एसडीओ को किस धारा में कितनी सजा
- धारा 323 में एक वर्ष का साधारण कारावास और एक हजार का जुर्माना। अर्थदंड अदा न करने पर पांच दिन की अतिरिक्त सजा।
- 354 मेें दो वर्ष का साधारण कारावास और एक लाख का जुर्माना। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास।
- 452 में चार साल का कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा।
आरोपी उवैस को किस धारा में कितनी सजा
-धारा 323 में एक वर्ष का साधारण कारावास और एक हजार का जुर्माना। अर्थदंड अदा न करने पर पांच दिन की अतिरिक्त सजा।
-354 मेें दो वर्ष का साधारण कारावास और 10 हजार का जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की सजा।
- 452 में चार साल का कारावास और 10 हजार का जुर्माना। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास।