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राशन डिपो की जांच को पहुंची टीम का घेराव

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नकुड़ (सहारनपुर)। ग्रामीणों की शिकायत पर राशन डिपो की जांच करने पहुंची टीम का घेराव कर ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। ग्रामीण राशन विक्रेता पर घांधली का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता सूची का भौतिक सत्यापन कराने तथा अपात्रों को हटाकर पात्रों का नाम सूचीबद्ध किये जाने की मांग कर रहे थे। पूर्ति निरीक्षक द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
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बुधवार को गांव नयागांव पहुंची जांच टीम के सामने ग्रामीणों ने राशन विक्रेता पर धांधली करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप था कि गत दो वर्षों से नयागांव के लोग राशन वितरक की मनमानी व राशन वितरण में धांधली से बेहद त्रस्त हैं। समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान से लेकर ग्रामीणों तक ने पूर्ति निरीक्षक, एसडीएम, जिला पूर्ति निरीक्षक व डीएम से लेकर सीएम तक के दरबार में अनेकों बार अपनी लिखित शिकायत दर्ज करायी, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है और डिपो होल्डर विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर मनमानी से राशन वितरण कर गरीबों का हक डकार रहा हैं। उन्होंने बताया कि 20 फरवरी को ग्राम प्रधान राजकुमार चौधरी ने इस मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की और आरटीआई के माध्यम से सर्वे व पात्रता सूची की मांग की। शायद तब जाकर विभाग कुंभकर्णी नींद से जगा। शिकायत का निस्तारण करने बुधवार को पूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद्रा जब गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीणों ने पहले तो पूर्ति निरीक्षक को जमकर खरी-खोटी सुनाई और बाद में घेराव कर उन्हें अपने बीच बैठाकर वितरक पर आरोपों की झड़ी लगा दी। इस दौरान ग्रामीणों ने पूर्ति निरीक्षक व वितरक के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की। ग्राम प्रधान राजकुमार चौधरी, अंकित चौधरी अरविन्द, कलम चौधरी, डॉ. राजेश, जमिला, अकबर, शेखर, सोनू आदि का कहना था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद भी कोई अधिकारी इस डिपो की जांच करने को तैयार नही है। राशन वितरक मनमाने ढंग से दो-माह में केवल एक बार ही चंद कार्डधारकों को राशन देता है और बाकी गरीबों का राशन स्वयं डकार जाता हैं। वितरक को विभाग का पूरा संरक्षण प्राप्त हैं। मामले के संबंध में जब पूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद्रा से पूछा गया तो उनका कहना था कि ग्रामीणों की मांग पर मार्च माह के राशन वितरण पर रोक लगा दी जायेगी और पात्रता सूची का सत्यापन व गांव के कार्डधारकों को पास के ही अन्य किसी डिपो से संबद्ध करने की संस्तुति भी उच्चाधिकारियों कर दी जाएगी। इस मौके पर पूर्व प्रधान राजपाल, वेदपाल, शबाना, प्रीतम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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