सहारनपुर। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जब भी दबाव बनाया, तब-तब भीम आर्मी कड़े तेवर के साथ प्रदर्शन करती नजर आई। हर बार भीम आर्मी ने पुलिस को चुनौती दी।
बीते वर्ष 9 मई को हुई सहारनपुर हिंसा के बाद भीम आर्मी के तेवर लगातार कड़े होते जा रहे हैं। बेशक पुलिस ने रासुका लगाते हुए भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल से बाहर आने से रोक दिया हो, लेकिन पुलिस के इस कदम ने भीम आर्मी को उग्र होने का मौका दे दिया। तब से एक दो नहीं बल्कि कई प्रदर्शन किए जा चुके हैं। पहले दिल्ली में प्रदर्शन किया गया, जिसमें देश भर से भारी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। सहारनपुर में 18 फरवरी को भी एक सभा की गई। पुलिस और प्रशासन ने उसे रोकने में अपनी पूरी ताकत लगा दी। लेकिन भीम आर्मी की 9 मई की घटना को दोहराने की चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासन की हवाइयां उड़ गईं और सभा की अनुमति देनी पड़ी। इसमें पुलिस और प्रशासन ने सीमित लोगों को ही आने की अनुमति दी, लेकिन भीम आर्मी की हजारों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन को आइना दिखा दिया।
इस बार भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जेल भरो आंदोलन को रोकने के लिए पदाधिकारियों को दबाव में लेने का प्रयास किया। बार-बार बुलाकर बैठक की। लेकिन इसका असर उल्टा ही हुआ। भीम आर्मी के पदाधिकारियों को पुलिस एवं प्रशासन ने सौ से भी कम कार्यकर्ताओं के पहुंचने के निर्देश दिए। लेकिन बृहस्पतिवार को भीड़ देख पुलिस के भी होश उड़ गए। लगभग ढाई सौ लोगों ने तो गिरफ्तारी ही दे दी। जिनमें लगभग सौ महिलाएं शामिल रहीं। जबकि भीड़ दोगुने से भी अधिक रही।
अधिकारियों के सामने गूंजे योगी, मोदी मुर्दाबाद के नारे
सहारनपुर। बृहस्पतिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों के सामने जैसे चाहे नारे लगाए। योगी, मोदी मुर्दाबाद के नारों के साथ ही अभद्र भाषा का भी जमकर प्रयोग किया गया। लेकिन अधिकारियों की हिम्मत उन्हें इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करने से मना करने की नहीं हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मूकदर्शक बने रहे।
डीएम, एसएसपी पीछे के रास्ते से पहुंचे कलक्ट्रेट, कार्यालय में ही रहे
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के कलक्ट्रेट में जेल भरो आंदोलन ने कलक्ट्रेट के रास्ते ही बंद कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बबलू कुमार और डीएम पीके पांडेय कलक्ट्रेट पहुंचे। रास्ता नहीं होने के चलते पीछे के गेट से डीएम और एसएसपी कलक्ट्रेट पहुंचे। हालांकि भीड़ के सामने न तो डीएम पहुंचे और न ही एसएसपी ही जा सके।
सोशल मीडिया पर दिखाया गया लाइव प्रदर्शन
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन और प्रदर्शन को सिर्फ कलक्ट्रेट तक ही सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि मोबाइल से सोशल मीडिया पर लाइव प्रदर्शन देश भर में प्रसारित किया गया। सूत्रों की मानें तो जिला कारागार में बंद चंद्रशेखर उर्फ रावण को भी प्रदर्शन की पल-पल की जानकारी दी जाती रही।