क्राइम ब्रांच ने कुर्की के लिए अदालत में दिया प्रार्थना पत्र
देवबंद। पांच वर्ष पूर्व देवबंद में हुए बवाल के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम अब आरोपियों के घरों की कुर्की की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने 12 आरोपियों के खिलाफ अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कुर्की के लिए अनुमति मांगी है।
वर्ष 2013 अप्रैल माह में मोहल्ला नेचलगढ़ निवासी फल व्रिकेता अफजाल की मौत हो गई थी। जिसमें लोगों पुलिस का डंडा लगने से अफजाल की मौत होने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया था। इस दौरान एसपी देहात डा. अनिल मिश्र के गनर संदीप राघव पर हमला करते हुए उपद्रवियों ने उससे एके47 लूट ली थी। इतना ही नहीं पुलिस की जीप में आग लगाने के साथ ही उपद्रवियों ने डाक बंगले में भी आगजनी की थी। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। लेकिन सत्तापक्ष के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो बजरंग दल नेता विकास त्यागी के नेतृत्व में तमाम हिंदू संगठनों ने केंद्र व राज्य सरकार के मंत्रियों को पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। जिसके बाद सरकार ने संज्ञान लिया और कार्रवाई में तेजी आ गई और सरकार ने इस मामले को एसटीएफ व क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। 28 फरवरी को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजेंद्र यादव ने देवबंद कोतवाली में बवाल के आरोपी 12 लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृहस्पतिवार को कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की कुर्की के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजेंद्र यादव ने बताया कि बवाल के आरोपी अनवर उर्फ पहाडी, साबू, मुस्तकीन, शमशेर पहलवान, सुफियान, आसिफ, सिकंदर, निम्मा, अब्दुल, साबिर समेत 12 लोगों के घरों की कुर्की करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अनुमति मांगी गई है। कोर्ट से अनुमति के आदेश मिलते ही कुर्की की कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी। वहीं, कुर्की प्रक्रिया की भनक लगते ही आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में तेजी आने के बाद आरोपी फरार चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कई आरोपियों ने अदालत में कुर्की की कार्रवाई के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिए हैं।