मानव रहित फाटक पर दीवार बनाने की तैयारी पर भड़के ग्रामीण
सरसावा (सहारनपुर)। रेलवे विभाग द्वारा पिलखनी में मानव रहित फाटक के स्थान पर दीवार बनाकर रास्ता बंद करने की कोशिश का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। वे धरना देकर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। एसडीएम सदर संगीता ने किसी प्रकार ग्रामीणों को ट्रैक छोड़ने के लिए मनाया। एसडीएम सदर ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी जायज है। उनकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बता दें कि पिलखनी में फाटक के स्थान पर दीवार बनाने का मामला ग्रामीणों के विरोध के कारण कई साल से लंबित चल रहा है। लेकिन शनिवार को रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने रेलवे लाइन के पास एक नोटिस चस्पा कर दिया गया। इसमें लिखा था कि मानव रहित फाटक 90-सी पर 18 सितंबर को दीवार कर दी जाएगी। रविवार को जब ग्रामीणों को ये सूचना मिली तो वे भड़क गए। महिलाओं और बच्चों समेत ग्रामीण दोपहर में रेलवे ट्रैक के बीच जा बैठे।
इसकी सूचना पिलखनी स्टेशन अधीक्षक ने आला अफसरों को दी। ग्रामीणों के ट्रैक पर होने की जानकारी मिलने पर प्रशासन भी सजग हो गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर संगीता मौके पर पहुंची। उन्होंने ट्रैक पर बैठे ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि जिस फाटक को रेलवे बंद करना चाहता है, वह गांव का मुख्य मार्ग है। इसी मार्ग पर रेलवे लाइन पार कर बैंक, स्कूल, मंदिर तथा बस स्टैंड का रास्ता जाता है। यदि ये मार्ग बंद हो गया तो ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना होगा। वहीं, बच्चों को भी स्कूल जाने के लिये व्यस्त राजमार्ग पार करना होगा जबकि अभी ये दूरी 100 मीटर से भी कम की है। जिस पर एसडीएम सदर संगीता ने ग्रामीणो को रेलवे अधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने ट्रैक खाली कर दिया। एसडीएम संगीता ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या जायज है। इसके लिये वार्ता कर हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है।