रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। विद्युत निगम की मनमानी और समस्याओं का समाधान न होने से खफा भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने पांच मिनट तक रामपुर मनिहारान रेलवे स्टेशन पर लाल ट्रेन को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पूर्व तहसील कार्यालय पर दिए धरने पर किसानों ने विद्युत निगम के एक्सईएन और दो एसडीओ को अपने बीच एक घंटे तक बैठाकर रखा।
भाकियू के तहसील अध्यक्ष चौधरी जगपाल के नेतृत्व में शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पर पहुंचे। वहां अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे विद्युत निगम के एक्सईएन अनील अरोड़ा, ट्रांसमिशन के एसडीओ सुबोध गुप्ता व संजय सिंह को अपने बीच धरने पर बैठा लिया। चौधरी जगपाल ने कहा कि विद्युत निगम के कर्मचारी बीपीएल कनेक्शन के नाम पर ग्रामीणों से पांच सौ रुपये से लेकर हजार रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव मुंडीखेड़ी, चकवाली, खानपुर, उमाहीकलां आदि की विद्युत सप्लाई के लिए अलग से लाइन बनाई जा चुकी है, लेकिन आज तक इसे शुरू नहीं किया गया। कोई भी फाल्ट होने पर सभी गांवों की विद्युत सप्लाई को बंद करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जब तक विद्युत सप्लाई सुचारु रूप से नहीं की जाती है, वे किसी कीमत पर मीटर नहीं लगने देंगे। विद्युत बिलों में की गई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए। तीनों अधिकारियों ने किसानों को पांच सितंबर तक समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया इसके बाद ही उन्हें छोड़ा गया। इसके बाद किसानों ने एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता को अपना मांग पत्र सौंपा। इसमें कहा गया है कि दो वर्ष के अंतराल में भाकियू प्रति माह अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन देती आई है। आज तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इसलामनगर रोड पर पूर्वी यमुना नहर के क्षतिग्रस्त पुल का शीघ्र निर्माण किया जाए, किसानों को बकाया गन्ने का भुगतान दिया जाए, बाजार के मिलावटी खाद्य पदार्थों की ब्रिकी पर रोक लगे और सभी किसानों को ऋण माफी योजना का लाभ दिया जाए। बाद में किसान रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां उन्होंने दोपहर दो बजे सहारनपुर से दिल्ली जाने वाली लाल ट्रेन को पांच मिनट तक रोक कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। धरने पर अशोक चौहान, कान सिंह, कीरत सिंह, शेरपाल, भोपाल, नाथी राम, उमरद्दीन, प्रधान इस्लाम, प्रदीप, सुरेंद्र आदि रहे।