सहारनपुर। कॉलोनाइजर्स को कॉलोनी काटते वक्त प्लॉट बेचने से पहले कॉलोनी के बाहर विकास प्राधिकरण की स्वीकृति का बोर्ड लगाना होगा, जिससे लोग अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से बच सकें। ऐसा नहीं करने वाली कॉलोनियों को अवैध माना जाएगा। विकास प्राधिकरण यह व्यवस्था बनाने जा रहा है।
शहर के चारों ओर अवैध कॉलोनियां कट रही हैं। अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदकर लोग कई बार नुकसान उठा चुके हैं। करीब दो साल पहले शकलापुरी मार्ग पर विकास प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनी पर जेसीबी चलवाया था, जिसमें एक दर्जन से अधिक भवन ध्वस्त किए गए थे। ध्वस्तीकरण के खिलाफ राजनीतिक दलों ने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का घेराव कर हंगामा प्रदर्शन किया था। विकास प्राधिकरण चाहता है कि आगे से कोई भी व्यक्ति अवैध कॉलोनी में प्लॉट न खरीदे। इसके लिए प्राधिकरण व्यवस्था करने जा रहा है, जिसमें कॉलोनाइजर को प्लॉट बेचने से पहले कॉलोनी के बाहर प्राधिकरण की स्वीकृति का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। प्राधिकरण की अपील है कि भविष्य में किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए कोई व्यक्ति अवैध कॉलोनी में प्लॉट न खरीदे। वर्तमान में शकलापुरी मार्ग पर कई अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। बेहट रोड, मानकमऊ क्षेत्र, नवादा रोड, दिल्ली रोड और टपरी मार्ग, जनता रोड, देहरादून रोड और अंबाला रोड पर भी अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इनके अलावा चिलकाना रोड पर बड़ी संख्या में कॉलोनियां कटी हैं और काटी जा रही हैं। खास बात यह है कि इस मार्ग पर कभी किसी अवैध कॉलोनी या निर्माण पर कार्रवाई नहीं हुई है।
हम कॉलोनाइजर्स के लिए कॉलोनी काटने से पहले स्वीकृति का बोर्ड लगाना अनिवार्य करने जा रहे हैं। इसका मकसद अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाना और आम आदमी को अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से रोकना है। इसके अलावा कोई भी निर्माण करते वक्त भवन स्वामी को स्वीकृति पत्र की छायाप्रति बाहर चस्पा रखनी चाहिए, जिससे पता चले कि भवन का नक्शा पास है। -- सुखलाल भारती, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।