वर्षों बाद बना दुर्लभ संयोग, विधिपूर्वक अराधना से होगी मनोकामना पूरी
सहारनपुर। महाशिवरात्रि पर्व पर वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस बार घनिष्ठा नक्षत्र, स्वार्थ सिद्धि और शिव योग है। ऐसे में विधिपूर्वक भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और कष्ट दूर हो जाएंगे।
मोहल्ला चंद्रनगर निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित अमित भारद्वाज और ब्रहमपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि चार मार्च सोमवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। इस बार शिवरात्रि पर वर्षों बाद घनिष्ठा नक्षत्र और शिवयोग पड़ रहा है। इसके साथ ही स्वार्थ सिद्घि योग भी है। चार मार्च की शाम 4:28 बजे चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी, जो पांच मार्च की शाम 7:07 मिनट तक रहेगी। अर्धव्यापिनी चतुर्दशी होने की वजह से चार मार्च को ही शिवरात्रि मनाई जाएगी। शिवयोग दोपहर 1:32 मिनट पर शुरू होगा। विधिपूर्वक भगवान शंकर का अभिषेक और आराधना करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
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विविध द्रव्यों से अभिषेक करने पर होती है मन की इच्छा पूरी
सहारनपुर। प्रात:काल स्नान आदि से निवृत्त होकर विधिपूर्वक भगवान शंकर की आराधना करें। सबसे पहले भगवान शंकर को नमस्कार करें। इसके बाद धूप और दीपक जलाएं और पुष्प अर्पित करें। भोलेनाथ का घी से अभिषेक करने पर पुत्र, गन्ने के रस से धन, कुशा के जल से बाधा शक्ति, शक्कर मिश्रित जल से तीव्र बुद्धि, जल से शांति, गिलोए के जल से रोग शांति, सरसों के तेल से शत्रु नाश, दूध से सुख-समृद्घि की प्राप्ति होती है। गंगाजल और जल से अभिषेक करने पर भोलेनाथ अति प्रसन्न होते हैं।
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पूजन का शुभ मुहूर्त
सहारनपुर। शिवरात्रि पर पूजा का शुभ मुर्हूत सुबह 7:04 बजे से दोपहर बाद 3:20 बजे तक है। रात में 12:07 बजे से 12:57 बजे तक, शिवरात्रि व्रत प्रहर पूजा शाम 7:00 से रात्री 9:35 बजे तक है। द्वितीय प्रहर पूजा का समय रात्रि 9:35 बजे से 12:10 बजे तक, तृतीय प्रहर की पूजा रात्रि 12:10 बजे से 3:55 बजे तक और चतुर्थ प्रहर में पूजा करने का समय 3:55 बजे से प्रात 6:58 बजे तक है।