बिना लाइसेंस गोदाम में रखा था आतिशी सामान
सहारनपुर। शहर के बीच बाजार में घनी आबादी में स्थित बनारसी दास एंड संस के गोदाम में विस्फोटक सामग्री बिना लाइसेंस के ही रखी हुई थी। आग लगने के बाद आतिशबाजी से धमाके होते रहे और आग विकराल रूप धारण करती रही जबकि आतिशबाजी का लाइसेंस दूसरी दुकान का है।
रविवार सुबह पांच बजे बनारसी दास एंड संस के शोरूम एवं गोदाम में लगी आग से वहां रखी आतिशबाजी से धमाके होते रहे जबकि इस घनी आबादी एवं मुख्य बाजार के बीच आतिशबाजी रखने के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया। पास में ही इन्हीं की एक अन्य दुकान है। इसमें आतिशबाजी रखी गई है। उसका लाइसेंस ले रखा है।
अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह का कहना है कि आतिशबाजी का लाइसेंस दूसरी दुकान के लिए है। इस जगह आतिशबाजी रखे जाने का कोई लाइसेंस नहीं था। यही नहीं दूसरी दुकान में रखी आतिशबाजी एवं विस्फोटक सामग्री को घनी आबादी में रखी हुई है। इसे हटाने के लिए दुकानदार को नोटिस भी दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी गई है। लेकिन कार्रवाई के बारे में उन्हें जानकारी नहीं हो सकी है।
जांच के बाद कराई जाएगी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी प्रशासनिक एसके दुबे का कहना है कि यह गंभीर मामला है। इसकी रिपोर्ट निकलवाई जाएगी और घनी आबादी के लाइसेंस को खत्म कर आतिशबाजी को आबादी से बाहर निकलवाया जाएगा। जिससे इस प्रकार के हादसे न हो सकें।
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- संकरी गली में नहीं जा सकी दमकल
सहारनपुर का मुख्य बाजार पुराने शहर में स्थित है। इन बाजारों के रास्ते इतने संकरे हैं कि उनमें दमकल की गाड़ी जाना तो दूर, दिन में तो चार पहिया छोटा वाहन भी नहीं गुजर सकता। सिर्फ आबादी ही नहीं प्रमुख बाजार भी ऐसे हैं, जहां दमकल जाना मुश्किल है। रविवार को भी जिस शहीदगंज बाजार में आग लगी। उसके पास की बांस वाली में शोरूम के दूसरे गेट पर दमकल नहीं पहुंच सकी। पाइप जोड़कर किसी प्रकार वहां तक पानी पहुंचाया गया। सिर्फ यही नहीं शहर के बाजार रायवाला, खाताखेड़ी, रानी बाजार, हलवाई अट्टा, सराफा बाजार, पंजाबी मार्केट समेत कई इलाके हैं, जिनमें कोई हादसा होता है तो वहां दमकल का पहुंचना मुश्किल है। शहीदगंज बाजार में भी दिन में अग्निकांड होता तो वहां भी गाड़ी को पहुंचने में काफी मुश्किल हो सकती थी।
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-- तीन मंजिला इमरात गिरने की
आशंका से बनी रही दहशत
शहीदगंज स्थित बनारसी दास एंड संस की तीन मंजिला इमारत में आग की भयावहता को देखकर लोगों में इमारत के गिरने की आशंका बनी रही। आसपास के इलाके में दहशत बनी रही। लोगों को आशंका रही कि इमारत गिरी तो आग आसपास की दुकानों के साथ पास की आबादी को भी अपनी चपेट में ले लेगी।
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घ्ानी आबादी में पहले भी हो चुके हैं आग के हादसे
सहारनपुर। शहर की घनी आबादी में यह पहली घटना नहीं है। 15 दिन पूर्व ही शारदानगर में एक गत्ता फैक्ट्री में भयंकर आग लगी थी। इसमें रसोई गैस के सिलेंडरों में विस्फोट हुआ था और हवा में सिलेंडर उड़ते हुए नजर आए। पूरा इलाका दहशत में रहा। इससे पहले बाबा लालदास मार्ग स्थित टायर के एक गोदाम में आग लगी। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास की कालोनियों के मकानों की छतों पर रखे पानी के टैंक तक पिघल गए थे। वह भी घनी आबादी में स्थित था। रायवाला मार्केट स्थित कपड़े की एक दुकान में भी भयंकर आग लग चुकी है। जिसे कई घंटे की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका था। उसकी चपेट में आसपास की दुकानें भी आ गईं थीं। नदीम कालोनी में भी कई बार आग लग चुकी है।