इटली को भा रहा सहारनपुर का लंगड़ा आम
सहारनपुर। अपनी खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर सहारनपुर का आम इटली वासियों को भा रहा है। यहां के मैंगो पैक हाउस से प्रोसेस होकर करीब 27 क्विंटल लंगड़ा आम इटली के मिलान शहर के लिए भेज दिया गया है। शुक्रवार को उसकी दूसरी खेप भी प्रोसेस कर भेजी जाएगी।
जनपद को आम के लिए देश ही नहीं विदेशों तक में जाना जाता है। इसके चलते यहां से हर बरस बड़ी मात्रा में आम का विदेशों को निर्यात किया जाता है। यहां के आम के मुरीद जापान, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, अमेरिका, यूएई, इटली, नेपाल, जर्मनी, दक्षिणी कोरिया आदि देशों के बाशिंदे हैं। जनपद के दशहरी, चौसा, लंगड़ा, गुलाब जामुन, फजली, रामकेला आदि प्रजातियां विदेशियों की पहली पसंद हैं। इसके अलावा मंडी स्थित मैंगो पैक हाउस से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत का अलफांसो, राजापुरी, केसर और बादामी को प्रोसेस कर विदेशों में भेजा जाता है।
आम को विदेश भेजने से पहले उसको मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस में प्रोसेस किया जाता है। जिसमें सबसे पहले की धुलाई कर उसकी ग्रेडिंग होती है। इसके बाद उसे चिल्ड और हॉट वाटर ट्रीटमेंट से गुजारा जाता है। जिससे आम में किसी प्रकार का कोई कीट आदि का असर ना रह सके।
नवाब ब्रांड पर मिलता है अनुदान
सहारनपुर। सरकार आम के निर्यात पर निर्यातकों के साथ ही उत्पादक किसान को भी प्रमोशन अनुदान देती है। इसमें उत्पादक किसान को प्रति किलो छह रुपये और निर्यातक को 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा निर्यातक को भाड़ा अनुदान भी दिया जाता है। हवाई और समुद्री मार्ग से विदेश भेजे जाने पर 15 रुपये प्रति किलो और सड़क परिवहन पर 7.50 रुपये प्रति किलो सहायता निर्यातक को दी जाती है।
आम का निर्यात एक नजर में
वर्ष निर्यात किलो में
2014-15 121841
2015-16 306241
2016-17 311566
2017-18 352297
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- जनपद के आम की विदेशों में काफी मांग है। यहां से खासतौर पर दशहरी, लंगड़ा और चौसा आम को निर्यात किया जाता है। मंडी समिति स्थित मैँगो पैक हाउस से प्रोसेस कर लंगड़ा आम की एक 27 क्विंटल की एक खेप को इटली के मिलान शहर के लिए भेज दिया गया है। दूसरी खेप शुक्रवार को जाने की संभावना है।
- अनिल कुमार, सचिव मंडी समिति।