डीसीओ ने गन्ना सर्वे का निरीक्षण किया
सहारनपुर। सर्वे की गुणवत्ता को परखने के लिए जिला गन्ना अधिकारी ने शनिवार को गांगनौली शुगर मिल क्षेत्र में हो रहे गन्ना सर्वें का निरीक्षण किया। उन्होंने गन्ने की फसल में लग रहे कीटों और रोगों के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने शनिवार को गांगनौली चीनी मिल क्षेत्र में हो रहे गन्ना सर्वे का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम लंढौरा, पहांसू और मनानी आदि में गन्ना सर्वे की जांच की। उन्होंने उपस्थित किसानों को गन्ने की सर्वे के उपरांत संबंधित कर्मचारी से सर्वे स्लिप को लेने और सर्वे की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। डीसीओ ने कहा कि आगामी पेराई सत्र के लिए किसानों को अपने गन्ना सुपरवाइजर को अपने भू-राजस्व की खतौनी, बोए गए गन्ने का घोषणा पत्र, आधार कार्ड तथा मोबाइल नंबर देना होगा। इससे विभागीय अधिकारी घोषणा पत्र के आधार पर उनके बोए गए गन्ने का मिलान सर्वे की रिपोर्ट से कर सकें। उन्होंने कहा कि आगामी पेराई सत्र में केवल उन्हीं किसानों के बांड चलेंगे जो अपने गन्ना क्षेत्रफल के बारे में घोषणा पत्र देंगे।
जीएसडी के बारे में जागरूक किया
जिला गन्ना अधिकारी ने शनिवार को सर्वे का निरीक्षण करने के साथ ही किसानों को जीएसडी ( ग्रासी शूट डिसीज ) के बारे में भी जागरूक किया। डीसीओ ने बताया कि गन्ने की अगेती प्रजाति सीओ 0238 में जीएसडी यानी घासी प्ररोह रोग की बहुत समस्या सामने आ रही है। इस रोग में गन्ने ना बनकर झुंड बनते हैं। इस कारण गन्ने की पैदावार प्रभावित होती है। इस रोग का कोई उपचार संभव नहीं है। इससे बचाव के लिए प्रभावित पौधों के झुंड को जड़ सहित खोदकर बाहर जला देना चाहिए या मिट्टी में दबा देना चाहिए। इससे इस बीमारी का फैलाव पूरे खेत में होने से रोका जा सके। गांगनौली शुगर मिल के सहायक प्रवंधक (गन्ना) सतेंद्र सिंह, प्रभारी गन्ना विकास निरीक्षक यशपाल सिंह, गन्ना सुपरवाइजर और किसान मौजूद रहे।