सहारनपुर। नियम है कि किसी भी पार्षद या उसके रिश्तेदार को किसी काम का टेंडर यानी ठेका नहीं दिया जा सकता है। इसके बावजूद नगर निगम के अनेक पार्षद अनेक कार्यों के लिए ठेका हासिल करने में जुटे हैं।
नगर निगम सहारनपुर में 70 पार्षद हैं। इनमें से अनेक पार्षद ऐसे हैं, जो अपने करीबियों के नाम पर सड़क निर्माण, नाली निर्माण और अन्य कार्यों के ठेके छुड़वाने की जुगत में लगे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में अनेक पार्षद ऐसे हैं, जिनका काम ठेके लेकर काम कराने का ही रहा है। अब वह अपने रिश्तेदारों को ठेके दिलाने की जुगत में हैं। बताया कि एक पार्षद ने गलत तरीके से आली की चुंगी के पास सड़क निर्माण का ठेका भी ले लिया है। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता है। पता चलने के बाद नगर निगम को सर्कुलर जारी करना पड़ा है। जिसमें साफ तौर पर पार्षदों को ठेका प्रक्रियाओं में कोई आवेदन न डालने या रिश्तेदारों को भी शामिल न करने को कहा गया है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर जितेंद्र केन ने बताया कि यह पहले से ही नियम है कि किसी पार्षद या उसके रिश्तेदार को ठेका नहीं दिया जा सकता है।