सहारनपुर। ठेकेदार के माध्यम से विद्युत निगम के लिए उपभोक्ताओं के बिल बनाने वाले मीटर रीडर्स ने स्थानांतरण के विरोध में विद्युत निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आधा दर्जन मीटर रीडर्स को हिरासत में ले लिया। जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
विद्युत निगम के एक ठेकेदार के अधीन कार्य करने वाले प्राइवेट मीटर रीडर शुक्रवार को एकत्रित होकर घंटाघर स्थित विद्युत निगम के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं के बिजली का बिल बनाने वाले मीटर रीडरों का स्थानांतरण एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में कर दिया था। जिसका मीटर रीडर ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारियों ने मीटर रीडर्स को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन मामला बढ़ता गया और मीटर रीडर उग्र होते चले गए। जिस पर विद्युत निगम के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो हंगामा कर रहे मीटर रीडर्स में भगदड़ मच गई। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को पकड़ना शुरू किया तो मीटर रीडर्स ने विरोध कर दिया, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक नहीं चली। पुलिस ने हंगामा कर रहे आधा दर्जन मीटर रीडर्स को हिरासत में ले लिया। बाद में तीन मीटर रीडर्स नदीम, मुअज्जम पाशा तथा मुकेश कुमार का शांति भंग के आरोप में चालान कर दिया। शेष को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
मीटर रीडर्स ने आरोप लगाया कि मात्र 6 हजार रुपये के मानदेय पर पूरे महीने विभाग द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। मीटर रीडिंग कराने के साथ अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं। अवैध धन लेकर अधिकारी कनेकक्शनों को छोड़ देते हैं और मीटर रीडर पर आरोप लगाकर उत्पीड़न किया जाता है। जहां से अवैध धन नहीं मिलता वहां एफआईआर कराने की जिम्मेदारी मीटर रीडर पर थोप दी जाती है। मीटर रीडर के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन पर एफआईआर कराने की धमकी दी जाती है। इस संबंध में विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं की बिलिंग की जानी है। जिसके लिए मीटर रीडर्स की ड्यूटी लगाई जा रही थी। लेकिन मीटर रीडर्स ड्यूटी के अनुसार बिलिंग करने की बजाय हंगामा करने लगे। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हो सका।