सहारनपुर। नगर निगम का स्वच्छता अभियान अब केवल स्कूल और कॉलेजों में गोष्ठी करने तक सिमटकर रह गया है। आलम यह है कि शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, जिनसे लोगों को परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं, ढाई सौ कर्मचारियों के साथ पांवधोई की सफाई के लिए शुरू किया गया अभियान भी केवल एक दिन चलकर बंद हो गया। नदी में धोबीघाट से लेकर ढमोला नदी तक पॉलीथिन और कचरा भरा है। यह आलम तब है, जबकि चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होना है।
पिछले वर्ष हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के करीब 400 शहरों में सहारनपुर का स्थान 234वां रहा था। इसके बावजूद नगर निगम अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है। पिछले दिनों शहर में चले स्वच्छता अभियान का शुभारंभ डीएम पीके पांडेय ने पांवधोई नदी की सफाई से किया था। नगर निगम की टीमों ने शहर में अभियान चलाया, मगर उसका असर कम ही नजर आया। पिछले दिनों अभियान को अंतिम रूप देने के लिए नगर निगम ने पुन: पांवधोई की सफाई शुरू कराई। दावा किया कि ढाई सौ सफाईकर्मी धोबीघाट से पुल जोगियान तक नदी की सफाई करेंगे, मगर नदी की सफाई केवल एक दिन कराकर बंद कर दी गई। वर्तमान में धोबीघाट पर पांवधोई के भीतर पॉलीथिन और कचरा नजर आ रहा है। जोगियान पुल के पास किशनपुरा साइड में नदी में कचरे का बड़ा ढेर है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। पिछले कई दिन से निगम के अधिकारी स्कूलों में गोष्ठियां कर स्वच्छता अभियान औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।
नालों की सफाई में भी हुआ खेल
बरसात से पहले नगर निगम शहर के नालों और नालियों की सफाई कराता है। शहर में सौ से अधिक नाले और नालियां हैं, जिनमें चार बड़े नाले हैं। इनकी सफाई के लिए प्रत्येक वर्ष बजट रखा जाता है। मगर इस बार बरसात से पहले नालों की सफाई में बड़ा खेल हुआ है। चिलकाना रोड पर मुन्नालाल कॉलेज के सामने से होकर गुजरने वाले नाले की कई साल से सफाई नहीं हुई है, जबकि निगम के अधिकारी तमाम नालों की सफाई कर दिए जाने के दावे करते रहे हैं। इसी प्रकार जैन कॉलेज रोड पर जिला पंचायत कार्यालय ङके सामने से होकर गुजरने वाला नाला मिट्टी से बंद है, जिसकी वजह से बरसात में जलभराव होता रहा है।
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इस बार स्वच्छता अभियान बेहतर ढंग से चला है, जिसका असर नजर भी आ रहा है। पांवधोई की सफाई में 230 सफाईकर्मी लगाए गए थे, मगर पांवधोई की सफाई मैनपावर से नहीं हो सकती। हम नदी की सफाई मशीनों से कराने की तैयारी में हैं, मगर मशीन भी फिलहाल खराब है। नदी की सफाई ऐसी होगी जैसी कभी पहले हुई न हो।
डॉ. गीताराम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।