सहारनपुर। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद मांग न माने जाने से नाराज समायोजित शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान किया है। सरकार को घेरने के लिए मंगलवार को सहारनपुर से सैकड़ों शिक्षामित्रों ने लखनऊ के लिए कूच किया। इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा कि वह शिक्षामित्र के तौर पर दस हजार रुपये के मानदेय पर काम नहीं करेंगे।
मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर लखनऊ जाने के लिए इकट्ठा हुए शिक्षामित्रों को संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने संबोधित किया। कहा कि 21 अगस्त को सहारनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उन्होंने ज्ञापन सौंपा था। मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि सरकार शिक्षामित्रों की समस्या को लेकर गंभीर है। मगर 21 अगस्त की ही शाम को शासन से एक पत्र जारी हुआ, जिसमें शिक्षामित्रों का मानदेय दस हजार करने की बात कही गई। इससे साफ पता चलता है कि मुख्यमंत्री और अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं है। जिलाध्यक्ष नरेश कुमार और गुरुदीप सिंह ने कहा कि अब शिक्षामित्र सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। हक न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। संजय शर्मा और तहसीन अली ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की पीड़ा को समझ नहीं पा रही है। हम दस हजार रुपये के मानदेय को स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बाद शिक्षामित्र नौचंदी और सद्भावना एक्सप्रेस में सवार होकर लखनऊ के लिए रवाना हुए।