सहारनपुर। कुतुबशेर पुलिस ने 19 जुलाई को दफनाए गए अज्ञात शव को अधिकारियों के आदेश पर कब्र से निकलवाया और परिजनों के सुपुर्द कर उसका अंतिम संस्कार करा दिया।
अंबाला रोड स्थित शांति भवन से 18 जुलाई को अचानक गायब हुए 50 वर्षीय जगदीश का शव कुतुबशेर पुलिस को 19 जुलाई में ही सड़क किनारे पड़ा मिला। पुलिस ने लापरवाही में न तो शव की शिनाख्त कराई और न ही दूसरे थानों को ही जानकारी दी। यही नहीं पुलिस ने जगदीश के शव को मुस्लिम मानते हुए कब्रिस्तान में दफना दिया। जबकि मृतक की बेटियां दूसरे थाना में लगातार चक्कर लगातीं रहीं। बाद में अज्ञात शवों की तलाश में कुतुबशेर थाना पहुंचने पर उन्हें अपने पिता की मौत के बारे में जानकारी हुई। मृतक की बेटियों ने इस मामले की शिकायत एसएसपी से की और शव को कब्र से निकलवाकर उन्हें सौंपे जाने की मांग की थी, जिससे उनके पिता का अंतिम संस्कार कराया जा सके।
हिंदू व्यक्ति के शव को मुस्लिम मानकर दफनाए जाने, शिनाख्त न कराए जाने के मामले में पुलिस की न सिर्फ छीछालेदार हुई बल्कि कुतुबशेर पुलिस और नगर कोतवाली पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई। हालांकि अभी तक दोषियों पर कोई कार्रवाई तो अधिकारियों ने नहीं की। लेकिन अधिकारियों के आदेश पर कुतुबशेर पुलिस ने शुक्रवार को कब्र खुदवाकर जगदीश का शव निकलवाया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। शुक्रवार की शाम को परिजनों ने मृतक जगदीश का अंतिम संस्कार कर दिया।