शाकंभरी/सहारनपुर। स्वजलधारा योजना के तहत गांव कासमपुर मजरा में बनाई गई पानी की टंकी शोपीस बनी है। कई करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद इससे पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। यह हाल तो तब है जबकि ग्राम प्रधान और गांव के लोग कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत तक कर चुके हैं।
दरअसल, गांव कासमपुर मजरा में वर्ष 2016 में स्वजलधारा योजना के तहत इस टंकी का निर्माण कराया गया था। तब ग्रामीणों को उम्मीद बंधाई गई थी कि उनको शुद्ध पेयजल मिलेगा। टंकी का निर्माण हुआ तो लोगों को भी भरोसा जमा कि अब कुछ अच्छा होगा, लेकिन वह सपना सरीखा ही रहा। क्योंकि बीते चार साल से पानी की टंकी गांव में शोपीस बनकर खड़ी है, मगर उसका कोई उपयोग नहीं हो पाया है। पेयजल आपूर्ति भी उससे नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण सेठी राणा, सिखपाल, सोमपाल राणा, पिंटू कुमार का कहना है कि पेयजल आपूर्ति की इस परियोजना पर पैसा पानी की तरह बहा दिया गया, लेकिन ग्रामीणों को उसका कोई लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए कनेक्शन भी नहीं दिए गए।
8.80 करोड़ रुपये हुए थे खर्च
कासमपुर मजरा गांव की आबादी करीब 7000 है। गांव में पेयजल आपूर्ति की इस परियोजना पर करीब 8.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। गांव में पाइपलाइन भी डाली गई थी, जो कई जगह से लीकेज हो गई। लीकेज पाइपलाइन भी ठीक नहीं कराई गई।
ग्राम प्रधान अनिल राणा का कहना है कि इस संबंध में वह पूर्व विधायक महावीर राणा को साथ लेकर अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। गांव में जल निगम के ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है।
एनजीओ द्वारा अधूरा निर्माण कराया गया है। इन सबका एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। सभी कमियां दूर कराते हुए पेयजल योजनाओं को छह माह के भीतर चालू कराया जाएगा और पेयजल आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी। -- राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम, सहारनपुर
गांव कासमपुर मजरा के ग्राम प्रधान अनिल राणा- फोटो : SAHARANPUR
गांव कासमपुर मजरा निवासी सोमपाल राणा- फोटो : SAHARANPUR
गांव कासमपुर मजरा पिंटू कुमार- फोटो : SAHARANPUR
गांव कासमपुर मजरा निवासी सिखपाल- फोटो : SAHARANPUR
गांव कासमपुर मजरा सेठी राणा- फोटो : SAHARANPUR